गोंडा। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों व कर्मियों को प्रेरणा एप से जोड़े जाने का विरोध शुरू हो गया है। पहले दिन के प्रशिक्षण से ही विरोध का आगाज हुआ। प्रशिक्षण से समन्वयकों ने किनारा कसा लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी। खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ कम्प्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि प्रेरणा एप व्यवस्था नहीं एक घोटाला है। सरकार को गुमराह करके कुछ अधिकारी कर्मचारियों का डाटा लीक करने में लगे हैं। उनके मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। वहीं बीएसए मनिराम सिंह ने कहा कि प्रेरणा एप शैक्षिक सुधार के लिए लागू हो रहा है, विभाग पूरी तैयार कर रहा है। शासन के निर्देशों का अमल कराया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए 4 सितंबर से प्रेरणा एप की व्यवस्था लागू की जाएगी। 5 सितंबर से प्रेरणा एप से हाजिरी के साथ ही स्कूलों की व्यवस्था की मॉनीटरिंग होगी। एप में शिक्षकों के सभी डाटा की फीडिंग का कार्य किया जाना है, जिसके लिए बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों, हर ब्लॉक से एक-एक समन्वयकों और न्याय पंचायत समन्वयकों को प्रशिक्षित करने के लिए विकास भवन में कार्यशाला का आयोजन किया था। एप कैसे डाउनलोड करना है और कैसे संचालित करना है। इसके लिए तकनीकी जानकारी दिए जाना था।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के साथ प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बहिष्कार किया और यह जानकारी होने पर की कुछ एबीआरसी मीटिंग में गए हैं सभागार में पहुंचे और विरोध किया। बीएसए ने अधिकारियों एवं कर्मियों का प्रशिक्षण दिलाया। प्रशिक्षण में एमआईएस इंचार्ज जगदीश शरण गुप्ता ने तकनीकी जानकारी दी। जिला समन्वयक विनोद जायसवाल के साथ सभी बीईओ मौजूद रहे।