गोंडा। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड से बीमारियां बढ़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वर्तमान समय में ईएनटी में मरीजों की संख्या 100 के पार हो गई है। कान में ठंडी हवा घुसने से लोगों को सुनने में समस्या आ रही है।
बुधवार को महाराजा देवी बख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में नाक, कान गला विभाग में दो डॉक्टरों ने 100 मरीजों का उपचार किया। इसमें 30 से अधिक मरीज सुनने की समस्या से पीड़ित थे। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन राय ने बताया कि ठंड में कान में हवा जाने से धमनी की रक्त आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे सुनने में समस्या होने लगती है।
ठंडी हवा से जुकाम की समस्या होने लगती है। मरीजों को परामर्श दिया जाता है कि बाइक चलाते समय कान ढक कर रखें। हेलमेट व टोपी लगाएं। जिस कमरे में सोएं उसका तापमान सामान्य रखें। कान में पानी न जानें दें।
संक्रमण के कारण बढ़ जाता कान का दर्द
ईएनटी सर्जन डॉ. आजम हनफी ने बताया कि ठंड के कारण अक्सर लोगों में जुकाम की समस्या होती है। नाक व कान से गले की ओर जाने वाली यूस्टेशियन ट्यूब में संक्रमण के कारण जकड़न हो जाता है जिससे छींकने व खांसने से कान की नसों पर दबाव पड़ता है। इस वजह से कान का दर्द शुरू हो जाता है। कान में दर्द का मुख्य कारण इंफेक्शन या एलर्जी, कान में फोड़े फुंसी होना, कान में पानी, मिट्टी या धूल जाने भी है। इसके अलावा साफ-सफाई में कमी, दांतों के दर्द से भी कान का दर्द शुरू हो जाता है।