गोंडा। शहर में ई रिक्शाें से बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस ने भले ही कलर कोडिंग कर रूट तय किए हों, लेकिन नियम सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गए हैं। स्टेशन रोड से लेकर कचहरी तक ई रिक्शा चालक बेखौफ फर्राटा भर रहे हैं।
यातायात पुलिस ने 1956 ई रिक्शाें की कलर कोडिंग कर चार रूट निर्धारित किए थे ताकि हर रिक्शा अपने रूट तक सीमित रहे। इसके बाद भी ज्यादातर ई रिक्शा चालक नियमों की अनदेखी कर जहां-तहां मनमाने ढंग से सवारी भरते नजर आते हैं। स्टेशन रोड, एलबीएस चौराहा, गुरुनानक चौक और रोडवेज तिराहे पर घंटों जाम लगना आम बात हो गई है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आरसी भारतीय ने बताया कि ई रिक्शाें से बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए यातायात पुलिस की ओर से कलर कोडिंग योजना की गई थी। यातायात पुलिस को ई रिक्शों की संख्या व पंजीकरण की जानकारी दे दी गई है। ई रिक्शाें को चार रूटों में विभाजित किया गया है।
यह तय हुआ था रूट
रूट नंबर 1: पीली पट्टी पर सफेद नंबर वाले 595 ई रिक्शे, रेलवे स्टेशन से गुरुनानक चौराहा व एलबीएस चौराहा होते हुए पोर्टरगंज तक।
रूट नंबर 2: सफेद पट्टी पर काले नंबर वाले 519 ई रिक्शे, रेलवे स्टेशन से मनकापुर तिराहा होते हुए सद्भावना पुलिस चौकी तक।
रूट नंबर 3: हरी पट्टी पर सफेद नंबर वाले 266 ई रिक्शे, मिश्रौलिया क्रॉसिंग से रोजवेज बस अड्डा होते हुए झंझरी ब्लॉक तक।
रूट नंबर 4: लाल पट्टी पर सफेद नंबर वाले 576 ई रिक्शे,, मिश्रौलिया से गुरुनानक चौराहा होते हुए सोनी गुमटी तक।
निरीक्षण कर किया जा रहा चालान
कलर कोडिंग के नियमों का पालन कराने के लिए औचक निरीक्षण कर चालान काटा जा रहा है। मरीजों व बुजुर्गों को ले जाने वाले रिक्शा चालकों को छूट दी गई है। अन्य को सख्ती से रूट पालन कराया जाएगा।
जगदंबा गुप्ता, यातायात प्रभारी