गोंडा। जननी सुरक्षा योजना व नसबंदी कराने वाले लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई है। नवाबगंज सीएचसी की ओर से एक ही वित्तीय वर्ष में 139 लाभार्थियों को दो बार भुगतान कर दिया गया है। इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा मंडलीय लेखा प्रबंधक की जांच में हुआ। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने धनराशि की रिकवरी करते हुए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को 1400 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। नसबंदी कराने वाली महिलाओं को 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जननी सुरक्षा योजना के तहत 125 लाभार्थियों को दो बार भुगतान कर दिया गया। जिसमें एक लाख 75 हजार रुपये अधिक खर्च हुए। वहीं नसबंदी के 14 लाभार्थियों को दो बार भुगतान करते हुए 28,000 रुपये का अधिक भुगतान किया गया।
ब्लॉक अकाउंट मैनेजर (बीएएम) व सीएचसी अधीक्षक के हस्ताक्षर से दो लाख तीन हजार रुपये का अधिक भुगतान कर दिया गया। ये वित्तीय अनियमितता जिला अकाउंट मैनेजर की पकड़ में भी नहीं आया, लेकिन जब मंडलीय लेखा प्रबंधक सुशील श्रीवास्तव ने पत्रावलियों की जांच की तो वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। अपर निदेशक डॉ. जयंत कुमार ने सीएमओ को पत्र लिखकर दो लाख तीन हजार रुपये की रिकवरी करने व दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामले में सीएचसी अधीक्षक व ब्लॉक अकाउंट मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
अधिकतर लाभार्थियों को दिसंबर 2023 व जनवरी 2024 को भुगतान किया गया है। करीब एक साल पहले मिले भुगतान की रिकवरी लाभार्थियों से करना मुश्किल होगा। वहीं सीएचसी के एक कर्मचारी का आरोप है कि दोहरा भुगतान भूल से नहीं, जानबूझकर किया गया है। लाभार्थियों से 700 रुपये नकद लेकर उनके खाते में 1400 रुपये का सरकारी भुगतान कर दिया जाता है। इससे पहले भी जून 2021 में महिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर दोहरा भुगतान का मामला सामने आ चुका है।