खरगूपुर (गोंडा)। सात महीने बाद पौराणिक पृथ्वीनाथ मंदिर के प्रशासक जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के निर्देश पर रविवार से मंदिर में श्रद्धालु जलाभिषेक व पूजन-अर्चन कर सकेंगे। पुरात्तत्व विभाग ने 17 मार्च से कोरोना महामारी को देखते हुए इस मंदिर में दर्शन-पूजन पर रोक लगा दिया था। सात माह बाद मंदिर खुलने से श्रद्धालुओं में उत्साह है। क्योंकि इससे पहले क्षेत्रीय व दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बिना दर्शन व जलाभिषेक के लौटना पड़ता था।
महाभारत काल में भीम द्वारा स्थापित विख्यात पृथ्वीनाथ मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तहत संरक्षित स्मारकों में से एक है। बीते मार्च माह में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आमजन के लिए मंदिर में जलाभिषेक, पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक, शृंगार पूजा व भंडारा पर रोक लगाकर गर्भगृह का दरवाजा बंद कर दिया गया था।
नायब तहसीलदार शिव दयाल तिवारी व थानाध्यक्ष चितवन कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के उपरांत कोरोना महामारी को देखते हुए शारीरिक दूरी का पालन व मास्क का प्रयोग कर श्रद्धालु बारी बारी से पृथ्वीनाथ मंदिर के विशाल शिवलिंग पर जलाभिषेक कर निकास द्वार के रास्ते से बाहर जा सकेंगे।
सात माह बाद मंदिर खुलने से श्रद्धालुओं में उत्साह है। क्योंकि इससे पहले दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बिना दर्शन व जलाभिषेक के वापस लौटना पड़ता था। उन्होंने बताया कि बिना मास्क के प्रयोग के बिना कोई भी श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेगा। थानाध्यक्ष चितवन कुमार ने बताया कि मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त रूप से पुलिस बल तैनात किया जायेगा।