फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बायोमीट्रिक से लगेगी डॉक्टरों की हाजिरी

Sat, 11 Jun 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
विज्ञापन
हादसे में घायल मजदूरों काे दीनदयाल अस्पताल में किया गया भर्ती।
विज्ञापन
 स्वास्थ्य विभाग में घर बैठे अस्पताल में अटेंडेंस लगाकर वेतन उठा रहे डॉक्टरों व अन्य चिकित्सीय स्टाफ की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ने वाली हैं। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने इसके लिए जिला पुरुष व महिला अस्पताल के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की उन सभी 16 सीएचसी में बायोमीट्रिक मशीन लगाने के आदेश दिए हैं, जो ब्लाकों में हैं। ताकि यहां रहकर ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों की अटेंडेंस का स्वास्थ्य अधिकारियों को पता चलता रहे और मरीजों को भी उचित स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
विज्ञापन


डीएम ने बताया कि जिले की ज्यादातर सीएचसी-पीएचसी से लेकर जिला पुरुष व महिला अस्पताल में तमाम ऐसे डॉक्टर व चिकित्सीय स्टाफ हैं, जो कभी-कभार ही ड्यूटी पर आते हैं। अक्सर छापेमारी में इसका पता भी चलता रहता है। लेकिन इसके बाद भी डॉक्टरों व अन्य चिकित्सीय स्टाफ की आदतें सुधरने का नाम नहीं ले रहीं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के जिला पुरुष व महिला अस्पताल के साथ ही जिले भर की 16 सीएचसी में बायोमीट्रिक मशीन लगाने के प्रस्ताव को उन्होंने अनुमति दी है। ताकि डॉक्टरों से लेकर संबंधित स्वास्थ्य

केंद्रों पर काम करने वाले चिकित्सीय स्टाफ की अटेंडेंस का पता चलता रहे। जिले में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय पर जिला पुरुष व महिला अस्पताल हैं। जहां करीब तीन दर्जन डॉक्टर व 200 से ऊपर चिकित्सीय स्टाफ तैनात हैं।
विज्ञापन


जबकि जिले के 16 विकास खंडों में उसकी 16 सीएचसी और 50 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुले हुए हैं। लेकिन इनमें से कोई भी सीएचसी ऐसी नहीं है, जहां छापेमारी के दौरान पूरा स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद मिला हो।

वहीं स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों से लेकर अन्य चिकित्सीय स्टाफ की हाजिरी का आलम यह है कि उनके बिना आए ही अटेंडेंस रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर बना दिए जाते हैं। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के ही अधिकारियों की छापेमारी में कई बार हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की रोजाना अटेंडेंस के लिए जल्द ही बायोमीट्रिक मशीन का टेंडर कराया जाएगा।

जिला पुरुष व महिला अस्पताल के साथ ही सभी 16 सीएचसी पर काम करने वाले चिकित्सीय स्टाफ को अपनी अटेंडेंस बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाकर दर्ज करानी होगी। इसके लिए डाक्ॅटर से लेकर सभी चिकित्सीय स्टाफ का एक डाटा बैंक बनाकर इस मशीन में अपलोड किया जाएगा। जिससे उसकी रोजाना उपस्थिति की समीक्षा होगी। यही नहीं इस मशीन से लगने वाली हाजिरी के आधार पर ही उन्हें वेतन का भुगतान भी किया जाएगा। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें