अगर कोई सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त पाया जाता है और इसकी शिकायत उन्हें मिलती है, तो दोषी डॉक्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आरसी की दवाओं का कांट्रैक्ट हो गया है। इसलिए जल्द ही सारी दवाएं अस्पतालों में पहुंच जाएंगी।
बुधवार को एक होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए सूबे के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने डॉक्टरों को चेतावनी दी कि वे अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करें।
प्राइवेट प्रैक्टिस न करनी पड़े, इसके लिए उन्हें एनपीए (नान प्रैक्टिस एलाउंस) दिया जाता है। ऐसे में अगर शिकायत मिलती है कि डॉक्टर घर या फिर किसी क्लीनिक, हॉस्पिटल या नर्सिंग होम में प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा है तो उसके खिलाफ जो कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सकों के बताने कि अस्पतालों में एंटीबायटिक दवाइयों के आर्डर काफी समय से पेंडिंग चल रहे हैं। जिसके कारण ज्यादातर दवाइयों की लोकल खरीद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांट्रैक्ट हो गया है, जल्द ही दवाइयां अस्पतालों में पहुंच जाएंगी।