जिला महिला अस्पताल का अपना अलग नियम है। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली ओपीडी दोपहर दो बजे तक तो चलती है, लेकिन जांच के लिए सैंपल सिर्फ दोपहर 12 बजे तक ही लिए जाते हैं। इस कारण 12 से दो बजे तक की ओपीडी में आने वाले करीब 100 मरीजों को जांच के लिए अगले दिन बुलाया जाता है। ऐसे में उन्हें समय के साथ ही अस्पताल पहुंचने के लिए अतिरिक्त पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं।
जिला महिला अस्पताल में अभी छह स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। प्रतिदिन की ओपीडी 600 के करीब है। ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीजों को चिकित्सक अलग-अलग जांच की सलाह देते हैं, जिसके लिए दोपहर 12 बजे तक ही सैंपल लिए जाते हैं। डेढ़ बजे से रिपोर्ट दी जाती है। अगर दोपहर 12 से दो बजे के बीच ओपीडी में पहुंचे तो जांच के लिए अगले दिन बुलाया जाता है।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं। इस कारण कभी-कभी अल्ट्रासाउंड जांच में समस्या आ रही है। थायराइड की जांच की सुविधा जल्द ही कराने की तैयारी की जा रही है। अन्य समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
बाहर जांच की मजबूरी है
परसपुर की सुषमा अपनी बहू को लेकर इलाज के लिए आई थीं। बताया कि पहुंचते-पहुंचते एक बज गए। चिकित्सक ने जांच के लिए कहा है। यहां पर अब सैंपल नहीं लिया जा रहा है। कल आने के लिए कहा जा रहा है। इससे अच्छा बाहर जांच करवाकर आज ही रिपोर्ट डॉक्टर को दिखा लें। मनीषा का कहना था कि कल आने से अच्छा, बाहर जांच कराना ठीक है। रामावती गुस्से से बोलीं...यह सब एक रैकेट का हिस्सा है। आप ही बताइए, जब ओपीडी दो बजे तक चलती है तो जांच सिर्फ 12 बजे तक क्यों? इसके बाद आने वाले मरीज या तो वापस हो जाएंगे या फिर बाहर जांच कराएंगे। सब सेटिंग है बाबू।
बंद रहा अल्ट्रासाउंड
-डॉक्टर के अवकाश पर रहने के कारण अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद रहा। इससे बुधवार को यहां पर मरीजों की जांच नहीं हो सकी। ओपीडी में आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ा। यही नहीं, यहां पर थायराइड जांच के साथ ही सोडियम व अन्य जांच की भी समस्या है।
हेल्थ एटीएम भी बीमार
जिला महिला अस्पताल में हेल्थ एटीएम इंस्टाल ही नहीं किया गया है। ऐसे में मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंशा थी कि मरीजों को इससे करीब 32 तरह की जांच की रिपोर्ट कुछ ही मिनट में मिल जाएगी।