गोंडा। मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच व उपचार की बेहतर सुविधा देने के लिए आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला खानापूर्ति तक सीमित रह गया है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर की जगह पर चिकित्साकर्मियों की ओर से उपचार किया जाता है। रविवार को जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले के आयोजन का दावा किया गया लेकिन, ज्यादातर केंद्रों पर डॉक्टर नदारद रहे।
हलधरमऊ सीएचसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरांव में दोपहर डेढ़ बजे कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। प्रयोगशाला सहायक नरेंद्र कुमार ने बताया कि डेढ़ वर्ष से यहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं है। वह खुद मरीजों का उपचार कर दवाएं बांटते हैं। अभी तक नौ मरीजों का उपचार कर दवाएं बांटी गईं। पीएचसी नहवा परसौरा पर डॉ. अरकान खान ने 21 मरीजों का इलाज किया। फार्मासिस्ट मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मरीजों को दवा वितरित कीं। बालपुर पीएचसी पर डॉ. रेहान ने 15 मरीजों का उपचार किया, फार्मासिस्ट रिजवान अहमद ने मरीजों को दवाएं बांटीं। वहीं हड़ियागाड़ा पीएचसी पर डॉ. शिल्पी सिंह ने 13 मरीजों का उपचार किया तथा फार्मासिस्ट राजकुमार यादव ने दवाएं बांटीं। इसी प्रकार माधोपुर पीएचसी पर 25 मरीजों व देवा पसिया पीएचसी पर 40 मरीजों का उपचार हुआ। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि जन आरोग्य मेले में डॉक्टरों की ड्यूटी अवश्य लगाएं। अधिकारियों की ओर से औचक निरीक्षण किया जाता है। लापरवाही बरतने वालों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।