त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में संविधान के अनुरूप आरक्षण प्रक्रिया लागू की जाएगी। आरक्षण प्रक्रिया में खेल करने वाले अफसरों व कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी अफसर व कर्मी आरक्षण के निमयों की अनदेखी कदापि न करें। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 33 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा।
यह बातें सीडीओ रामाश्रय ने शनिवार को विकास भवन सभागार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2015 में लागू होने वाले आरक्षण के संबंध में आयोजित कार्यशाला में जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अफसरों को प्रशिक्षण देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आरक्षण प्रक्रिया में संविधान के नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। जिले में कम से कम 33 प्रतिशत महिलाओं को जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए आरक्षित किया जाएगा।
27 प्रतिशत पिछड़े वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति व दो प्रतिशत अनुसचित जनजाति के लिए आरक्षण होगा। एडीओ पंचायत सदर पवन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी पंचायत क्षेत्र में सबसे पहले अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग की कुल जनसंख्या की गणना करके निर्धारित नियम के तहत आरक्षण प्रक्रिया लागू की जाए।
सभी लोग नियमावली का अध्ययन करके ही आरक्षण प्रक्रिया लागू करें जिससे गलती होने की संभावना से बचा जा सके। कार्यशाला में पीडी वीरेंद्र कुमार यादव, डीपीआरओ उपेन्द्र राज सिंह, अपर मुख्य अधिकारी सतपाल व डीसी मनेरगा शेषमणि सिंह ने भी सभी बीडीओ और एडीओ पंचायतों को आरक्षण के नियमों के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में हीरालाल मिश्र, एजाज अहमद, उपेन्द्र पाल सिंह, रमेश सिंह कुशवाहा, मेवालाल व हरिनरायन सहित सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायतों को आरक्षण से संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।