परिषदीय विद्यालयों में 15 हजार शिक्षक भर्ती के दौरान नौकरी पाने वाले 70 अध्यापकों का वेतन बुधवार को प्रभारी डीएम की फटकार के बाद जारी हो गया। बीएसए के मौखिक आदेश पर वेतन रोके जाने से नाराज शिक्षकों ने मंगलवार को इसकी शिकायत प्रभारी डीएम से करते हुए वेतन दिलाए जाने की मांग की थी।
परिषदीय विद्यालयों में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जुलाई में पूरी की गई थी। इस भर्ती में जिले के स्कूलों में 120 शिक्षकों को तैनाती मिली थी। नियुक्ति पाने वाले इन शिक्षकों में से 70 शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन पिछले अगस्त माह में ही हो गया था।
जिसके बाद तत्कालीन बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने इनके वेतन लगाने के निर्देश वित्त एवं लेखाधिकारी को दिए थे। लेकिन इसी बीच उनका तबादला हो गया। इसके बाद नवागत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक व्यक्ति की सत्यापन रिपोर्ट न आने की शिकायत पर मौखिक आदेश जारी कर इन शिक्षकों का वेतन जारी होने से रोक दिया।
इसकी जानकारी होेने पर मंगलवार को इन नवनियुक्त शिक्षकों ने प्रभारी जिलाधिकारी जयंत कुमार दीक्षित से मिलकर समस्या बताई और वेतन दिलाने की मांग की थी। प्रभारी डीएम ने जब इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी से जानकारी की तो उन्होंने बीएसए के मौखिक आदेश पर वेतन रोकने की बात बताई।
इसे गंभीरता से लेते हुए प्रभारी डीएम ने वित्त एवं लेखाधिकारी को फटकार लगाते हुए वेतन जारी करने के निर्देश दिए थे। डीएम की फटकार के बाद बुधवार को आनन फानन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने इन शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया है।