सिंचाई डाक बंगले में सोमवार को हुई जिला प्रधान संघ की बैठक में विकास कार्यों में आ रहीं समस्याएं छाई रहीं। इस दौरान प्रधानों ने सामाजिक आर्थिक गणना की सूची में गड़बड़ी पर आक्रोश जताया। बैठक के बाद प्रधानों ने जिलाधिकारी को संबोधित सात सूत्री मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
प्रधानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रामप्रकाश सिंह ने कहा कि जिले के अफसरों व कर्मचारियों की उदासीनता से जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामाजिक आर्थिक गणना से ली गई पात्रता सूची में अधिकांश उन्हीं व्यक्तियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें पहले भी अन्य योजनाओं का लाभ मिल चुका है। इसमें पक्के मकान वालों को शामिल किया गया है और गरीबों के नाम गायब है।
बीपीएल सूची में हुई गड़बड़ी का दंश तमाम गरीब आज तक भुगत रहे हैं और अब सामाजिक आर्थिक गणना की सूची में भी गड़बड़ी है। इससे जरूरतमंदों व गरीबों को आवास, पेंशन व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। महामंत्री राजेश तिवारी ने कहा कि लोहिया गांवों में सारा बजट प्रदेश सरकार लगा रही है, जिससे सभी गांवों का विकास बाधित है।
उन्होंने लोहिया गांव के समान प्रत्येक ग्राम पंचायतों में 10 गरीबों को लोहिया आवास दिलाने की मांग की। इस दौरान चौदहवें वित्त आयोग से रोक हटाने, मनरेगा मटेरियल खरीद का भुगतान कराने, समाजवादी पेंशन योजना का सभी गांवों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने व ग्राम निधि में शौचालय की राशि भेजने संबंधी मुद्दों पर चर्चा की गई। इस मौके पर अवधेश सिंह राठौर, राकेश सिंह, अनिल चतुर्वेदी, रामधन यादव, सत्यनारायन सिंह, लक्ष्मीनारायन पाठक आदि मौजूद रहे।