जिले के शत-प्रतिशत नौनिहालों को शिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में छह से 14 साल तक की उम्र के सभी बालक-बालिकाओं का हर हाल में एडमिशन कराया जाए। सुरक्षा के लिहाज से सभी कस्तूरबा स्कूलों को निजी भवन में संचालित कराने के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शैक्षिक माहौल सुधारने के लिए बीएसए समेत विभाग के सभी अफसरों व शिक्षकों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
अपर परियोजना निदेशक राज कुमारी वर्मा ने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दूसरे दिन शुक्रवार को बेसिक शिक्षा कार्यालय में पत्रावलियों की गहन जांच-पड़ताल की। बीएसए जय सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी आनंद कुमार, वरिष्ठ सहायक अनूप कुमार श्रीवास्तव, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता निरंकार पांडेय, डॉ. अनूप श्रीवास्तव, आभा त्रिपाठी व संजय श्रीवास्तव आदि के साथ बैठक कर अपर परियोजना निदेशक ने सभी पत्रावलियों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होनें कहा कि जिले के पचपेड़वा जंगल, ब्लॉक पचपेड़वा, उतरौला व देहात के कस्तूरबा स्कूलों को सुरक्षा के मद्देनजर निजी भवनों में संचालित कराया जाएगा।
अपर परियोजना निदेेशक ने कलेक्ट्रेट में डीएम प्रीति शुक्ला से मुलाकात कर कस्तूरबा स्कूलों के भवनों के निर्माण के लिए जमीन मुहैया कराने के संबंध में बातचीत की।
डीएम ने शीघ्र ही जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। अपर परियोजना निदेशक ने दो दिवसीय जनपद भ्रमण पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नगर व तुलसीपुर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डायट में संचालित हो रहा मूक-बधिर बच्चों के कैंप, उच्च प्राथमिक विद्यालय चकवा, प्राथमिक विद्यालय धुसाह प्रथम, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय खगईजोत व ब्लॉक संसाधन केंद्र सेखईकला का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अपर परियोजना निदेशक ने अभिलेखों की जांच-पड़ताल कर बेसिक शिक्षा विभाग के सभी अफसरों व शिक्षकों को स्कूलों में शैक्षिक माहौल में बेहतर सुधार करने का निर्देश दिया। स्कूलों की व्यवस्था में सुधार दिखने पर अपर परियोजना निदेशक ने बीएसए की तारीफ भी की।