गोंडा। यातायात नियमों को नजरअंदाज कर दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न लगाने की आदत युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। हेलमेट से दूरी हादसों की वजह बन रही है। यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों मेंं हर माह में दो पहिया सवार तीन से चार लोगों की मौत हो रही है। इनमें अधिकांश युवा हैं। हेलमेट न लगाने से हादसे के समय सिर में गंभीर चोट लगने के कारण ये मौतें हो रही हैं।
केस-एक
बाइक सवार दो दोस्तों ने गंवाई थी जान
बात 16 मई की है। मोतीगंज के झिलाही बाजार निवासी अंकित पासवान (18) अपने दोस्त राम अवतार (20) के साथ सुबह बाइक से मुख्यालय आ रहे थे। रास्ते में मनकापुर-दर्जीकुआं मार्ग पर काजीदेवर के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप और बाइक की भिड़ंत में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मेडिकल कॉलेज में डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पुलिस की जांच में आया कि दोनों हेलमेट नहीं पहने थे। सिर में गंभीर चोट लगने से काफी खून बह गया। दोनों की जान चली गई।
केस-दो
डंपर की टक्कर से आठवीं के छात्र की हुई थी मौत
धानेपुर के मंगरेपुरवा दत्तनगर निवासी कुलदीप वर्मा (14) गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में आठवीं का छात्र था। वह 2 मई को दोपहर अपने दोस्त अभय के साथ बाइक से कोयरीपुर पंप पर पेट्रोल लेने गया था। लौटते समय आगे चल रही एंबुलेंस को ओवरटेक करने के प्रयास में बाइक सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। कुलदीप की मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पुलिस की जांच में आया कि दोनों हेलमेट नहीं लगाए थे, सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई।
500 हेलमेट बांटे, बिना हेलमेट कर रहे ड्राइव
पिछले साल नवंबर में 1-30 नवंबर तक यातायात माह मनाया गया। इसमें परिवहन विभाग ने यातायात नियमों का पालन कराने के लिए दो पहिया वाहन चालकों को 500 हेलमेट बांटे। उन्हें बताया गया कि हेलमेट न लगाने से उनकी जान जा सकती है। इसलिए हेलमेट लगाएं, जीवन बचाएं, का श्लोगन देकर वाहन चालकों को जागरूक किया, लेकिन हर तीसरा चालक बिना हेलमेट के वाहन चला रहा है।
तीन साल से लंबित हैं 3.25 लाख चालान
पुलिस ने पिछले तीन साल में दोपहिया वाहन चालकों के साढ़े छह लाख चालान किए हैं। इनमें से 3.25 लाख चालान सिर्फ बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाते पाए जाने पर किए गए हैं। जो अभी भी लंबित हैं, यानि चालकों ने चालान की धनराशि जमा ही नहीं की है।
अपनों को बताएं, हेलमेट लगाएं, जान बचाएं
अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को बाइक, स्कूटी चलाना सिखा रहे हैं, जो यातायात नियमों के विरुद्ध है। उनके बालिग होने पर ड्राइव करने की अनुमति दें। बिना हेलमेट के वाहन चालने की आदत सबसे अधिक युवाओं में बढ़ रही है, जो अब परंपरा बनती जा रही है। हर तीसरा दोपहिया चालक बिना हेलमेट के वाहन चलाता देखा जा सकता है। अपनों की जान बचानी है तो वाहन चलाते समय उन्हें हेलमेट पहने की सीख दें। तभी आपके अपनों की जान सुरक्षित रहेगी।
विनय कुमार सिंह, सीओ यातायात