गोंडा। हाल ही में बूंदाबांदी और पछुआ हवा के बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। जिसके कारण ठंड का अहसास फिर से होने लगा। इस बदलाव के कारण मौसमजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में 1734 नए पंजीकरण हुए, जबकि 176 मरीजों का इलाज पुराने पर्चे पर किया गया। कुल मिलाकर 1910 मरीजों को उपचार मिला।
फिजीशियन की ओपीडी में सबसे अधिक मरीजों की भीड़ रही। तीन ओपीडी में 500 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें सर्दी, जुकाम, बुखार और डायरिया से प्रभावित लोग थे। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण पर्चा काउंटर से लेकर पैथोलॉजी तक लंबी कतारें लगी रहीं। मेडिकल कॉलेज के डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि मौसम के अचानक बदलाव से बीमारियां बढ़ी हैं।
लोगों ने गर्म कपड़े या फुल आस्तीन के कपड़े पहनना बंद कर दिया है। जिससे रात में ठंड का असर उन पर पड़ रहा है। इसके अलावा कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या भी बढ़ रही है। इस समय फलों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। शरीर में जिंक, आयरन, विटामिन सी और डी की मात्रा को बनाए रखना आवश्यक है। इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए ग्रीन टी, अदरक, हल्दी, तुलसी और शहद का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।