गोंडा के इटियाथोक में चाय पर चर्चा करते लोग। -संवाद
गोंडा। मतदान के बाद सोमवार को गोंडा व कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के 12 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। नतीजे तो चार जून को आएंगे लेकिन उससे पहले ही चौक-चौराहों पर चुनावी गुणा-भाग का दौर शुरू हो गया है। घर, दफ्तर व चाय-पान की दुकानों पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस बार चुनावी नतीजे क्या रहेंगे, किस वर्ग ने किस दल को समर्थन किया, इसका आकलन किया जा रहा है।
भाजपा समर्थकों के गुणा-गणित में गोंडा से कीर्तिवर्धन सिंह की हैट्रिक पक्की मानी जा रही है। वहीं, सपा व कांग्रेस समर्थक श्रेया वर्मा की जीत का दावा कर रहे हैं। लेकिन चर्चा में एक बात समान है कि जीत का अंतर कम होगा। इस बार वोटरों ने खुलकर कुछ नहीं बोला। मंगलवार को इटियाथोक में शुक्ला दहीबड़ा की दुकान पर चाय की चुस्कियों के साथ राजनीतिक चौपाल सजी थी। करुवापारा के पूर्व प्रधान धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि इस बार हिंदू मतदाताओं ने राम मंदिर के नाम पर खुलकर वोट किया है। उनकी बात का समर्थन करते हुए बड़कऊ शुक्ल ने कहा हां लेकिन इस बार जीत का अंतर कम होगा। गठबंधन की प्रत्याशी को भी अधिक वोट मिले हैं। इसी तरह सुनील पांडेय, राजेश ओझा, अजय राठौर ने अपने-अपने तर्क दिए।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश शुक्ल के कार्यालय में समर्थक चाय व पकौड़ी के साथ अपना राजनीतिक ज्ञान बांट रहे थे। मंशाराम मिश्र ने कहा कि इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी जीत रही हैं। श्रेया वर्मा को सजातीय वोट के अलावा यादव, मुस्लिम, ब्राह्मण व अन्य पिछड़ा वर्ग के खूब वोट मिले हैं। जमाल मोहम्मद चौधरी ने कहा कि इंडिया गठबंधन की जीत निश्चित है।
कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र में करनैलगंज तहसील के पास चुनावी चौपाल सजी थी। चर्चा में शामिल अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने कहा कि इस बार इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी भगतराम मिश्र की जीत पक्की है। जयचंद सिंह ने कहा कि ब्राह्मण वोटों की गोलबंदी को देखते हुए गठबंधन की जीत की संभावना अधिक है। वहीं, प्रताप बली सिंह ने कहा कि राम मंदिर व मोदी के विकास कार्यों के चलते भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। सत्यनारायण सिंह ने भाजपा की जीत का दावा किया। इसी तरह चंद्रप्रकाश ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में कैसरगंज लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह को लगभग पांच लाख 81 हजार वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर गठबंधन व बसपा प्रत्याशी चंद्रदेव यादव उर्फ करैली को लगभग तीन लाख 20 हजार मत मिले थे। इस बार के चुनाव में भाजपा के कोर वोटर माने जाने वाले ब्राह्मण, निषाद, वर्मा और अनुसूचित जाति में सपा की सेंधमारी को नकारा नहीं जा सकता। इसलिए गठबंधन के प्रत्याशी की दावेदारी मजबूत है।