बालपुर/करनैलगंज। पतिसा गांव निवासी दिव्यांग अब्दुल माजिद खान (25) शुक्रवार सुबह सलार पुरवा में बहन के घर गए। वहां बहन के ससुराल वालों पर भूमि विवाद में विपक्षियों ने हमला कर दिया। माजिद ने बीचबचाव का प्रयास किया तो विपक्षियों ने लाठियों से पीटकर उन्हें मरणासन्न कर दिया। सीएचसी पहुंचाने पर चिकित्सक ने माजिद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
सलार पुरवा निवासी हबीबुल रहमान ने बताया कि उन्होंने गांव के पास ही 15 बिस्वा भूमि का बैनामा लिया था। उसी भूमि को लेकर गांव के ही कासिम से विवाद चल रहा है। शुक्रवार सुबह कासिम भूमि पर कब्जा करने लगे। विरोध पर कासिम और उनके घर की महिलाओं ने गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडे से हमला कर दिया। हबीबुल के मुताबिक इसी बीच उनकी बहू निशा का भाई अब्दुल माजिद खान उनके घर आ गया। दाहिने पैर से दिव्यांग माजिद को विवाद की जानकारी मिली तो वह बीचबचाव करने पहुंच गया। आरोपियों ने माजिद को लाठियों से पीटकर मरणासन्न कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग पहुंचे तो हमलावर भाग गए। परिवार के लोग माजिद को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉ. मोहम्मद मुदस्सिर ने मृत घोषित कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह बताया कि हबीबुल रहमान की तहरीर पर कासिम, उसकी पत्नी फूलजहां, बहन शबनम, सन्नो, जलील व मुबारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है।
शव देख बदहवास हुई मां
पिता अमीर खान ने बताया कि माजिद इकलौता बेटा था। दो बेटियां निशा और रोशनी है। माजिद मुंबई में चाय की दुकान पर काम करता था। 24 नवंबर को रोशनी की शादी तय है। इसी के लिए वह मुंबई से आया था। शुक्रवार को वह बड़ी बहन निशा के घर मिलने गया था, वहां विवाद के दौरान बीचबचाव करने में उसकी जान चली गई। सूचना पर सीएचसी करनैलगंज पहुंचीं माजिद की मां रफीका का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बेटे का शव देख वह बदहवास हो गईं। रिश्तेदार उन्हें संभालने में लगे रहे।