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अस्पताल में मरीजों का एक सितम्बर से शुरू होगा डायलसिस-

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गोंडा में तैयार हो रहा डायलेसिस सेंटर। - फोटो : GONDA
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गोंडा। अब किडनी में रोग से पीड़ित मरीजों का जिला अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में डायलिसिस की भी सुविधा मिलेगी। एक सितंबर से अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू हो जाएगा। डायलिसिस सेंटर के शुरू हो जाने से किडनी में रोग से पीड़ित हर माह 36 मरीजों को इसका फ्री में लाभ मिल सकेगा।
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बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल में अब किडनी में परेशानी से पीड़ित मरीजों की फ्री में डायलिसिस की जांच हो सकेगी। सेंटर में मशीनें व बेड लगाने का काम अंतिम दौर में चल रहा है। डायलिसिस मेडिकल इंजीनियर हिमांशु ने बताया कि वाराणसी के हेरिटेज हास्पिटल का सरकार से डायलिसिस सेवा देने का करार हुआ है। यहां पर एक चिकित्सक, एक सेंटर मैनेजर के अलावा तीन मरीज पर एक डायलिसिस टेक्नीशियन की की नियुक्ति की गई है।
यह सुविधा मरीजों को जिला अस्पताल के पर्चे पर चिकित्सक की ओर से जांच के लिए रेफर करने पर ही मिल सकेगी। चार-चार घंटे में तीन शिफ्ट में डायलिसिस की जाएगी। इस बारे में सेंटर कोऑर्डिनेटर मनीष शर्मा ने बताया कि चिकित्सक की सलाह पर रेफर मरीज के आने पर उसका सेंटर में आनलाइन पंजीयन किया जाएगा। मरीज के डायलिसिस की रिपोर्ट ऑनलाइन लैब, लैब के मुख्यालय व शासन की वेबसाइड पर डाली जाएगी।
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हेल्पलाइन पर ले सकते हैं जानकारी
सेंटर हेल्पलाइन- 9517018360
सेंटर मुख्यालय- 8127508787
ऐसे मरीज जिनकी किडनी फेल हो जाती है उन्हें चिकित्सक की सलाह पर डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। किडनी में खराबी आ जाने से मरीज के रक्त कोशिकाओं में खून का संचार सही तरीके से नहीं हो पाता है, मरीज को सांस लेने में दिक्कत आदि की समस्या हो जाती है। डायलिसिस से मरीज को कम से कम पांच साल तक नई जिंदगी मिल जाती है, इतना ही नहीं मरीज यदि चिकित्सक की सलाह पर पूरी तरह से अमल कर नियमित जांच करा कर सम्बन्धित दवा ले तो उसकी लाइफ बढ़ सकती है। - डॉ. अनिल कुमार वर्मा, माइक्रोबायलोजिस्ट, जिला अस्पताल
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