कजरी तीज मेले की पूरी हो गईं तैयारियां। संवाद
गोंडा। कजरी तीज पर रविवार शाम से ऐतिहासिक दुखहरणनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। गोंडा समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांवड़िये करनैलगंज में सरयू नदी से जल भरकर करीब 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचेंगे। कांवड़ियों के जत्थों से शहर से लेकर मंदिर तक का मार्ग ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजेगा।
मान्यता है कि दुखहरणनाथ मंदिर का इतिहास त्रेतायुग से जुड़ा है। कहा जाता है कि अयोध्या में भगवान राम के जन्म के अवसर पर भगवान शिव उनके दर्शन के लिए पहुंचे थे। लौटते समय उन्होंने इसी स्थान पर विश्राम किया था। इसी मान्यता के कारण मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कजरी तीज पर दूरदराज से श्रद्धालु यहां पहुंचकर जलाभिषेक और पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
मंदिर परिसर में कराई गई बैरीकेडिंग
दुखहरणनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने बैरिकेडिंग कराई है। मंदिर से एलबीएस चौराहे तक मार्ग को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से भी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
जगह-जगह लगाए जा रहे सेवा पंडाल
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में 50 से अधिक स्थानों पर पंडाल लगाए जा रहे हैं। रविवार और सोमवार को इन पंडालों में पूड़ी-सब्जी, चावल, हलुआ, चना, चाय और पानी आदि वितरित किया जाएगा। (संवाद)
कजरी तीज मेले की पूरी हो गईं तैयारियां। संवाद
कजरी तीज मेले की पूरी हो गईं तैयारियां। संवाद
कजरी तीज मेले की पूरी हो गईं तैयारियां। संवाद