गोंडा। शासन की महत्वाकांक्षी पीएमश्री योजना के तहत विशेष बजट और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने के बावजूद पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा में उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणामों में विद्यालय की एक भी छात्रा जिले की टॉप टेन सूची में स्थान नहीं बना पाई।
विद्यालय में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, रोबोटिक्स लैब, विज्ञान मेले और कॅरिअर काउंसिलिंग जैसी गतिविधियों पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए तमाम प्रयास भी किए जाते हैं, लेकिन इन सबके बावजूद परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहना चिंता का विषय बन गया है। सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी के रूप में सामने आ रही है।
जीजीआईसी में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के 15 पद स्वीकृत हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक भी नियमित प्रवक्ता तैनात नहीं है। पूरा शिक्षण कार्य अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहा है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। छात्राओं की नियमित शैक्षणिक तैयारी और मार्गदर्शन में निरंतरता का अभाव साफ नजर आता है।
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य अमिता पांडेय ने बताया कि उन्हें दो महीने पहले ही प्रभार मिला है। शिक्षकों की कमी की सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।