गोंडा। जिला महिला अस्पतालों में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला पांच हजार रुपये मांगने का है। पीड़ित पति का आरोप है कि पत्नी की डिलीवरी कराने के लिए उनसे पांच हजार रुपये की मांग की गई। किसी तरह उन्होंने 2500 रुपये दिए, तब जाकर डिलीवरी कराई गई है। इस मामले को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ अस्पताल में हंगामा किया। किसी तरह वापस कराए गए रुपये को लहराया। सीएमएस ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
हरखापुर कौड़िया बाजार निवासी संदीप शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर स्टाफ नर्स ने डिलीवरी कराने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की। कहा कि रुपये मिलने पर ही मरीज को हाथ लगाऊंगी। सभी सुविधाएं मुफ्त में होने के बाद भी यहां पर रुपये की वसूली की गई। बाद में साथ में रही एक महिला व आशा कार्यकर्ता रुपये वापस कराने पहुंची तो उनको कैंची से मारने का भी आरोप है। इसके बाद आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में हंगामा किया। अवैध तरीके से मरीजों से हो रही वसूली पर रोक लगाने की मांग की। हंगामा बढ़ने पर संबंधित नर्स ने किसी तरह से रुपये वापस किए। सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
पिछले दिनों दो महिलाओं की हुई थी मौत
जिला महिला अस्पताल में अभी कुछ दिन पहले दो महिलाओं की प्रसव के बाद मौत हो गई थी। चार जनवरी को डिलीवरी के बाद भर्ती प्रसूता अनसुइया (40) की मौत हो गई थी। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में घंटों हंगामा किया था। लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, सात जनवरी को ठकुरापुर निवासी मुकेश कुमार की पत्नी मंजू देवी (40) की उपचार के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया था। रुपये मांगने का भी आरोप लगाया था। अभी इन मामलों की जांच चलने की बात अधिकारी कर रहे हैं।