गोंडा। धान की बोआई के चरम सीजन में खाद की कमी से जूझ रहे किसानों ने साधन सहकारी समितियों पर अवकाश के दिनों में भी खाद वितरण कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जुलाई में धान की बोआई का समय सीमित होता है, इसलिए खाद वितरण में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए।
इटियाथोक के किसान संतराम वर्मा ने बताया कि धान की बोआई का कार्य करीब 20 दिन से एक माह के भीतर पूरा करना होता है। इस दौरान किसानों को लगातार खाद की आवश्यकता रहती है। उन्होंने मांग की कि जुलाई माह में बिना अवकाश के सहकारी समितियों से खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि बोआई का कार्य समय से पूरा हो सके।
महादेवा के किसान जुगुल किशोर मिश्र ने कहा कि खाद की कमी के कारण कई बार समितियां बंद रहती हैं। वहीं रविवार को अवकाश होने से भी किसानों को खाद नहीं मिल पाती, जिससे खेती का काम प्रभावित होता है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रविशंकर ने बताया कि किसानों की समस्या को देखते हुए रविवार को भी खाद वितरण की अनुमति के लिए उच्च अधिकारियों से अनुरोध किया जाएगा। इससे धान की बोआई के दौरान किसानों को राहत मिल सकेगी।