करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू का जलस्तर कम होने से बाढ़ से तो राहत मिल गई, लेकिन कटान तेज हो गई है। जहां-जहां पानी भरा है, वहां मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है। रविवार को नदी में पानी का डिस्चार्ज 2.78 लाख क्यूसेक रहा। ग्राम पसका, चंदापुर किटौली, नकहरा, घरकुइयां, बहुवन मदार माझा की स्थिति जस की तस बनी हुई है। चंदापुर किटौली के सात मजरे जलमग्न हैं। ग्राम बहुवन मदार माझा, परसावल, बेहटा, पारा, माझा रायपुर, घरकुइयां के सामने कटान हो रही है। कटान से फसल लगे खेत नदी में समा रहे हैं।
नवाबगंज में ब्योंदा माझा गांव के 15 मजरे भी पानी से घिरे हैं। मुख्य मार्ग भी पानी से लबालब है। यहां के लोगों को नाव नहीं मिली है। ऐसे में कमर से अधिक पानी में होकर ही लोग आवागमन करने को मजबूर हैं। दत्तनगर व साकीपुर के मजरे बाड़ी माझा में तेजी से कटान हो रही है। (संवाद)