गोंडा। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जिले की मतदाता सूची में महिला और पुरुष वोटरों के बीच बढ़े अंतर ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। आंकड़ों के अनुसार, पुरुष मतदाताओं की तुलना में 2.12 लाख कम महिलाएं सूची में दर्ज हैं, जिससे आगामी चुनाव के समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
एसआईआर से पहले जिले में कुल 25.52 लाख मतदाता पंजीकृत थे। पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 22.15 लाख रह गई है। इसमें 12.13 लाख पुरुष और 10.01 लाख महिला मतदाता हैं। इस प्रकार महिला मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
एडीएम आलोक कुमार के अनुसार, मतदाता सूची को पारदर्शी तरीके से तैयार किया गया है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे बीएलओ के माध्यम से अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
शिक्षिका शालिनी शुक्ला का मानना है कि महिला व पुरुष मतदाताओं की संख्या का ये अंतर सामान्य लिंगानुपात की तुलना में अधिक है। करीब 17 प्रतिशत तक का अंतर कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक साबित हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जीत-हार का अंतर कम रहता है। महिला मतदाताओं की संख्या में कमी न केवल लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रभावित करती है, बल्कि उन राजनीतिक दलों के लिए भी चुनौती है जो महिलाओं को अपना प्रमुख वोट बैंक मानते हैं। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी शिवकुमार दूबे ने महिला मतदाताओं की कम संख्या को चिंताजनक बताया। उनका कहना है कि आधी आबादी का कम पंजीकरण चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है और यह परिणाम प्रभावित कर सकता है।
ये है विधानसभा वार पुरुष व महिला वोटरों का अंतर
विधानसभा- पुरुष- महिला- दोनों में अंतर
मेहनौन- 1,84,080-1,48,199-35,881
गोंडा सदर-1,52,574-1,28,654-23,920
कटरा बाजार-2,02,405-1,70,145-32,260
करनैलगंज-1,69,696-1,41,954-27,742
तरबगंज-1,81,916-1,50,413-31,503
मनकापुर-1,59,201-1,31,653-27,548
गौरा-1,63,841-1,30,850-32,991
(आंकड़ाें का स्रोत- निर्वाचन कार्यालय)