गोंडा महोत्सव में शनिवार को राधा नाम की ताली से बॉलीवुड नाइट का आगाज हुआ, जिसमें राम श्याम के भजनों व बृजेश शाडिल्य के गीतों पर देर रात तक दर्शक थिरकते रहे। गोंडा महोत्सव की चौथी शाम गजल, शास्त्रीय गायन, बांसुरी वादन व लोक गीतों के नाम रही।
महोत्सव में जहां स्थानीय कलाकारों को बेहतर मंच मिला, वहीं देश व प्रदेश के ख्याति प्राप्त कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। महोत्सव में सीओ मनकापुर की पत्नी आरोही श्रीवास्तव ने गजल दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है, मिल जाए तो मिट्टी है, खो जाये तो सोना तथा फगुआ गीत रंग डारूंगी नंद के लालन पे गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
नवोदय की छात्राओं ने नटखट वंशी वाले गोकुल के राजा अब तो आजा की प्रस्तुति दी। मुंबई की कलाकार सुरभि शुक्ला व उनकी टीम ने सूफी गीत मैं तो खड़ी थी आस लगाए तथा छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नयना मिलाइके पर नृत्य पेश कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
गोरखपुर की लोकगीत कलाकार आरण मीनाक्षी शास्त्री ने भोजपुरी गीत अपना तो भइले पुजारी ओ राजा, हम गउने न जइबे बलम रसिया की प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी।
बरेली से भजन गायकी की मशहूर जोड़ी राम-श्याम ने बजाओ राधा नाम की ताली भजन कर सभी को भक्ति रस का पान कराया। राम-श्याम की जोड़ी को जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय व आकांक्षा समिति की अध्यक्ष जिलाधिकारी की धर्मपत्नी ने स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
इसके बाद बॉलीवुड के गायक कलाकार बृजेश शाडिल्य ने कैलाश खेर का मशहूर सूफी गीत हीरे मोती मैं न चाहूं मैं तो चाहूं संगम तेरा सहित कई सुपर हिट गानों की लाजवाब प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जनपद के ही प्रसिद्ध बांसुरी वादक राजेश मिश्रा ने मनमोहक बांसुरी वादन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन अंकित गौड़, मो. इरफान मोईन, रघुनाथ पाण्डेय, डा. लक्ष्मी मिश्रा, अज्म गोंडवी व जानकीशरण द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया।