गोंडा। पावर कॉर्पोरेशन की अनदेखी से शहर के आवास विकास कॉलोनी से सटे लक्ष्मणपुरी मोहल्ले में बिजली की लाइन ऐसे बिछाई गई है कि मोहल्ले के लोगों की ही नही, वहां से गुजरने वालों की सांसें बढ़ जाती हैं। स्थिति यह है कि एक बिजली लाइन ही नहीं तीन-तीन लाइनें यहां दौड़ा दी गई हैं। लाइनें किसी के घरों के ऊपर से गुजर रही हैं तो किसी के दरवाजे से प्लेटफार्म को छूते हुए निकल रही हैं। हद तो यह हो गई है सड़कों को छूते हुए भी एक लाइन गुजर रही है। खंभों को खंभे के सहारे रोक कर 33 हजार वोल्ट की लाइन सप्लाई की जा रही है।
पावर कॉर्पोरेशन की यह लापरवाही बड़े हादसों का संदेश दे रही है, और ऐसी स्थिति से लोगों परेशानी से जूझना पड़ रहा है। तारों के जाल से घिरे मोहल्ले को देखकर हर कोई दंग रह जाता है। बस बेखबर है तो पावर कॉर्पोरेशन के जिम्मेदार, उन्हें किसी हादसे का इंतजार है। एक साथ ही तीन लाइनें बना दी गई हैं, 33 हजार के साथ ही 11-11 हजार वोल्ट की लाइन मोहल्ले में गुजर रही है। इस तरह 55 हजार की लाइन किसी के घर के ऊपर से गुजर रही है तो सड़कों को छूती हुई लाइन निकल रही है। बिजली के खंभे भी जर्जर और झुके हुए हैं। इससे मोहल्ले की 30 हजार की आबादी पर खतरा बना हुआ है।
सहारे के भरोसे यहां रोके रखे हैं बिजली की लाइन
पावर कारपोरेशन को बिजली सुधार के लिए कई योजनाएं चलाईं, लेकिन उसकी सच्चाई लक्षमणपुरी में कुछ और ही बयां कर रही है। यहां तो 33 हजार वोल्ट की लाइनों को दूसरे जर्जर खंभों से रोका गया है। एक ही लाइन के ऊपर नीचे तीन-तीन लाइनों को एक साथ खींच दिया गया है। हाल तो यह है कि तारों के बीच में ज्यादा गैप भी नही है। लोगों को डर है कि कहीं आपस में तार टकराए तो गंभीर स्थिति हो सकती है। आए दिन तारों में स्पार्क होने से आग की चिंगारी निकलती रहती है।
हर कदम पर लगता है डर, समस्या हल कराने की मांग नही हुई पूरी
लक्ष्मणपुरी में बिजली की स्थिति को लेकर लोगों ने कई बार मांगे की। उनकी समस्या की सुनवाई किसी ने नही किया। आज भी तारों के जाल और खंभों के हाल से लोग सहमे रहते हैं। मोहल्ले की शोभा सिंह कहती हैं कि बिजली की लाइनों से खतरा बना हुआ है। रिचा श्रीवास्तव कहती हैं कि विभाग के अधिकारी जानबूझकर लोगों की जिदंगी को खतरे में डाले हुए हैं। रत्ना वर्मा ने कहा कि घर में रहने पर तारों से होने वाले खतरों के अंदेशे घबराहट होती है। किसलय तिवारी बताती हैं कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर सुधार करने की मांग किया गया लेकिन कोई सुनवाई हुई। इसी तरह वंदना भी पावर कारपोरेशन की अनदेखी से काफी खभा हैं। मोहल्ले के संतोष, भूपेन्द्र यादव, अशोक पांडे, संजय श्रीवास्तव, सुभाष श्रीवास्तव, रिक्की दूबे आदि ने आक्रोश जताया और मांग किया कि इस समस्या का निदान शीघ्र किया जाए।
बिजली की लाइन पहले से ही थी, लोगों ने मकान बना लिए और ध्यान नहीं दिया। जहां तक सवाल जर्जर खंभों और ढीले तारों का है तो उसकी रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। सुधार के लिए योजना तैयार किया जाएगा। -वेंकटरमन, अघिशाषी अभियंता प्रथम