गोंडा। कड़ाके की ठंड में कोहरा और पाला से केला और आलू समेत अन्य सब्जियों पर असर पड़ रहा है। इन फसलों में झुलसा रोग फैलने लगा है। किसानों का कहना है कि धूप नहीं निकली तो फसल और प्रभावित होगी। कोहरा छाने से सब्जी की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं। सिर्फ गेहूं की फसल के लिए ही कोहरा फायदेमंद है।
बभनजोत ब्लॉक में बड़े पैमाने पर केले की खेती हो रही है। यहां के किसान अनिल ने बताया कि पाला से केले की फसल पर असर पड़ रहा है। इससे केले का विकास रुक गया है। यदि कोहरे की स्थिति ऐसे ही रही तो उत्पादन पर 30 फीसदी तक असर पड़ेगा। इसी तरह आलू के पौधे प्रभावित हो रहे हैं। कोहरा छाया रहा तो आलू का विकास ही नहीं होगा। किसान रमेश तिवारी ने बताया कि झुलसा रोग की शुरुआत हो गई है। रोकथाम के उपाय तो किए जा रहे हैं, लेकिन धूप निकलने का इंतजार है। रमेश ने बताया कि आलू के उत्पादन पर भी 25 से 30 फीसदी तक असर पड़ सकता है।
सहायक उद्यान निरीक्षक गिरीश कुमार मिश्र ने बताया कि जिले में करीब 500 हेक्टेयर में केले की खेती होती है। इसी तरह करीब पांच हजार हेक्टेयर में आलू की खेती हुई है। बताया कि बभनजोत, हलधरमऊ, तरबगंज व नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र में सबसे ज्यादा केले की खेती होती है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी किसान केले की खेती कर रहे हैं। पाला गिरने से पत्तियां सूखने लगीं हैं। कहा कि किसान अभी बचाव के कार्य करें तो नुकसान कम किया जा सकता है।