तारों के टकराने से निकली चिंगारी।
गोंडा। भीषण गर्मी में बढ़ती मांग के साथ जिले में बिजली संकट गहराता जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक लोग बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। कहीं लोग रातभर जागने को मजबूर हैं तो कहीं किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही हैं। लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच बिजली संकट का असर अब लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर मई महीने में जिले में करीब 600 मेगावाट बिजली की मांग रहती थी, लेकिन इस बार यह मांग बढ़कर 810 मेगावाट तक पहुंच गई है। मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने से सप्लाई लाइन टूटने व ट्रांसफार्मर के ओवरलोड हो कर फूंकने के साथ आने वाली तकनीकी फॉल्ट बढ़ने से लोग भीषण गर्मी में बेहाल नजर आ रहे हैं।
पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि बढ़ती मांग को देखते हुए अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि बीते 24 घंटे में मझारी गांव में ट्रिपिंग की समस्या से मुश्किल से दो घंटे ही आपूर्ति मिल सकी। रेंडवालिया निवासी फरीद अहमद ने बताया कि बीती पूरी रात बिजली की आवाजाही बनी रहने से रतजगा करने को विवश होना पड़ा।