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Gonda News: ठगी के मामले में ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक व सहयोगी गिरफ्तार

Sat, 25 Jul 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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पकड़े गए आरोपी।
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खरगूपुर। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से खाताधारकों की जमा रकम हड़पने का मामला आया है। पुलिस ने भगवानदीनपुर चौराहे से ग्राहक सेवा केंद्र संचालक उमाशंकर तिवारी निवासी गोंडा चाटी और उसके सहयोगी सुनील कुमार यादव निवासी पटखौली को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पासबुक और रजिस्टर में फर्जी जमा प्रविष्टियां कर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। अब तक दो पीड़िताओं की तहरीर पर अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की गई हैं, जबकि 100 से अधिक खाताधारकों ने थाने में शिकायत देकर अपने खातों से रकम गायब होने का आरोप लगाया है। पुलिस को आशंका है कि यह घोटाला वर्षों से चल रहा था और इसकी रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
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बालपुर पिपरा भोधर निवासी रुकसाना ने आरोप लगाया कि वह अपने बैंक खाते में रकम जमा कराने के लिए एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र जाती थीं। संचालक और उसका सहयोगी कंप्यूटर खराब होने का बहाना बनाकर नकदी ले लेते थे तथा पासबुक और रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर देते थे, जबकि रकम खाते में जमा नहीं की जाती थी। इस तरीके से उनके साथ 1.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
इसी तरह कटहरिया मोहल्ला निवासी साकरीन ने भी शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ 23.60 लाख की धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि दोनों ने रकम लेकर खाते में जमा करने के बजाय पासबुक में फर्जी प्रविष्टियां कर दीं। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज हैं। प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। अन्य शिकायतों की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे खुला मामला
मामला तब खुला जब करीब पखवाड़े भर पहले ग्राहक सेवा केंद्र अचानक बंद हो गया और संचालक व सहयोगी गायब हो गए। इसके बाद कई खाताधारकों ने बैंक से अपने खातों का विवरण निकलवाया तो जमा कराई गई रकम खाते में नहीं मिली। देखते ही देखते 100 से अधिक लोगों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर आशंका है कि वर्ष 2011 से यह खेल चल रहा था और सैकड़ों खाताधारकों के खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। सीओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लंबे समय से अनियमितताएं सामने आई हैं। सभी शिकायतों की जांच कराई जा रही है। विवेचना के दौरान जिन-जिन खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी की पुष्टि होगी, उन्हें संबंधित मुकदमों में पीड़ित बनाया जाएगा।
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