मेडिकल कॉलेज के गेट के सामने जाम में फंसे लोग। -संवाद
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज के गेट पर अव्यवस्थाओं के चलते आए दिन लगने वाला भीषण जाम सोमवार को जानलेवा साबित हुआ। जाम में वाहन फंसने के कारण इलाज में देरी से सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट घनश्याम मिश्र की मौत पर बिलख रहे परिजन व्यवस्था को कोसते नजर आए। जिसने भी घनश्याम के परिजनों की पीड़ा सुनी, वह भावुक हो गया।
दरअसल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय से दो माह पहले सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया था। परिसर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। होली की छुट्टी व रविवार के बाद सोमवार को अस्पताल में मरीज व तीमारदार उमड़ पड़े। दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बड़ी संख्या में दिव्यांग व उनके परिजन भी सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। इससे अस्पताल के मुख्य गेट पर भीषण जाम लग गया। मरीज व तीमारदार बमुश्किल से अस्पताल पहुंच सके।
इसी बीच जानकीनगर निवासी सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट घनश्याम मिश्र की तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें लेकर कार से अस्पताल पहुंचे तो जाम में फंस गए। नतीजतन इलाज में देरी से उनकी जान चली गई। चार एंबुलेंस भी अस्पताल के गेट पर काफी देर तक जाम में फंसी रहीं। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदारों की सांसें भी अटकी रहीं।