फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: तेज हवा और बारिश से फसलें गिरीं, किसान चिंतित

Mon, 17 Mar 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
बालपुर में बारिश व तेज हवा से गिरी अरहर की फसल देखता किसान। -संवाद - फोटो : संवाद
विज्ञापन
गोंडा। जिले में एक बार फिर मौसम ने करवट ली। सोमवार भोर तेज हवा चलने के साथ काले बादल छा गए। कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी तो कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने लगी। सरसों, मटर व गेहूं की तैयार फसल पर संकट के बादल छा गए। हालांकि करीब 30 मिनट बाद बारिश बंद हो गई। ऐसे में फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। मगर फसलें गिरने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सता रही है।
विज्ञापन

इटियाथोक, पड़री कृपाल, मुजेहना, मनकापुर व करनैलगंज क्षेत्र में सोमवार भोर बूंदाबांदी हुई। बेलसर, तरबगंज, परसपुर व हलधरमऊ क्षेत्र में तेज बारिश हुई। इससे मार्च में ही शुरू हो गई तपिश से थोड़ी राहत मिली। मौसम सुहाना हो गया, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों का कहना है कि यदि तेज बारिश हो जाएगी तो रबी की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। शहरी में क्षेत्र में भी हुई।
जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि दो दिन तक बदली छाई रहने के आसार हैं। जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है।
रबी की फसलें तैयार, सता रही नुकसान की चिंता
जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं व एक लाख हेक्टेयर में सरसों, मटर, अरहर की बोआई की गई है। तरबगंज व करनैलगंज क्षेत्र में चारों फसलें तैयार हो गई हैं। सदर व मनकापुर तहसील में गन्ने के खेत में बोई गई गेहूं की फसल अभी पकी नहीं है। तरबगंज के कटहा निवासी किसान हंसराज पांडेय ने बताया कि अधिकतर किसानों की सरसों की फसल अभी खेत में ही खड़ी है। बारिश होने या ओले पड़ने से तैयार फसल चौपट हो जाती। हालांकि कुछ ही मिनट बारिश होने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जमथा निवासी किसान शिवराम पांडेय ने कहा, तेज हवा के साथ शुरू हुई बारिश अगर कुछ ही देर में थम नहीं जाती तो गेहूं की फसल गिरकर बर्बाद हो जाती। खेतों में चूहों का भी प्रकोप बढ़ जाता। बालपुर के सुरेश कुमार ने बताया कि उनकी चार बीघे में लगी अरहर की फसल तेज हवा के कारण गिर गई। इससे पैदावार प्रभावित होगी।
विज्ञापन


तेज हवा चलने से कई इलाकों में आम के बौर गिर गए हैं। किसानों का कहना है कि अगर तेज हवा इसी तरह चली तो नुकसान हो सकता है।
गन्ने की फसल को हुआ फायदा
गन्ने की फसल के लिए बारिश लाभदायक होगी। गिरधरपुर निवासी किसान सतीश शुक्ल ने बताया कि गेहूं, सरसों के लिए तेज हवा के साथ बारिश नुकसानदायक साबित होती है, लेकिन बारिश से खेतों में नमी आने से गन्ने के जमाव में आसानी होती है। हलधरमऊ निवासी शिवसरन ने बताया कि मौसम बदलने से गन्ने को फायदा हुआ है, लेकिन अन्य फसलों के लिए बारिश नुकसानदायक साबित हाेगी।

सर्वे कराने जैसे हालात नहीं
जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, मामूली बारिश से जिले में इस तरह का नुकसान नहीं हुआ है कि सर्वे कराना पड़े। कुछ क्षेत्रों में ही हल्की बारिश हुई है। जिससे नुकसान न के बराबर होगा। फसलें भी ज्यादा नहीं गिरी हैं।
तेज हवा से गहराया बिजली संकट

तेज हवा चलने से सिविल लाइंस, पंतनगर सहित कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली की आवाजाही के बीच वोल्टेज की भी समस्या रही। कर्मचारी दिनभर ट्रिपिंग को दुरुस्त करने में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें