गोंडा। किसान सम्मान निधि व कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान लोकवाणी केंद्रों पर इंतजार कर रहे हैं लेकिन, इस दौरान मात्र आठ से दस लोगों का ही पंजीकरण पूरा हो पाता है।
सर्वर की समस्या के चलते 3.90 लाख किसानों की सम्मान निधि पर संकट खड़ा हो गया है। जिले के चार लाख 70 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह तक सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी होने की उम्मीद है, लेकिन अभी तक मात्र 80 हजार किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण पूरा हो सका है।
17 घंटे में आठ किसानों की हो रही रजिस्ट्री
धानेपुर बाजार में स्थित जनसेवा केंद्र पर किसान सर्वर चलने का इंतजार कर रहे थे। जैतापुर से आए किसान आवेश ने बताया कि चार दिनों से लगातार केंद्र पर आ रहे हैं लेकिन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। सर्वर की समस्या के कारण ओटीपी नहीं आ रही है। जनसेवा केंद्र संचालक तौहीद खान ने बताया कि सर्वर की बड़ी समस्या है। सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक केंद्र खुला रहता है, लेकिन मात्र आठ से 10 रजिस्ट्री ही हो पाती हैं। धानेपुर बाजार, खीरभारी व मिश्रौलिया माफी के किसानों का गाटा संख्या ही नहीं शो हो रहा है। वहीं, अन्य किसानों में ओटीपी की दिक्कत आ रही है।
किसी के पास ई-मेल नहीं, कहीं आधार से नंबर लिंक नहीं
शहर के पंतनगर स्थित एक लोकवाणी केंद्र पर किसान सर्वर चलने का इंतजार कर रहे थे। किसान राम प्रकाश ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री कराने में बहुत दिक्कत आ रही है। मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा है। परेड सरकार निवासी मालती देवी ने बताया कि वह चार बार आ चुकी हैं, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं हो सकी। संचालक राहुल ने बताया कि ओटीपी आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर या ई-मेल आईडी पर भेजा जाता है। लेकिन ज्यादातर किसानों के पास ई-मेल आईडी नहीं होती और न आधार से वर्तमान मोबाइल नंबर लिंक होता। करनैलगंज में सीएचसी संचालक अखिलेश प्रताप ने बताया कि रविवार को सबसे अधिक 17 रजिस्ट्री हो सकी हैं। ग्राम नरायनपुर मांझा निवासी शिवशंकर, सकरौरा निवासी शिवकुमार यादव, कचनापुर निवासी किसान अलीमुद्दीन, कुम्हरगढ़ी निवासी राजबहादुर आदि इंतजार करते रहे।
शासन को दी गई समस्या की जानकारी
सर्वर की समस्या आ रही है, इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजी जा चुकी है। अभी तक 80 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
- प्रेम कुमार ठाकुर, उप कृषि निदेशक