जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्या की आरोपी एक महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को 15 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के बासुपुर गांव निवासी माता प्रसाद ने 12 जनवरी 2010 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके भाई रामनरायन को राम गोपाल, तोताराम, अशरफीलाल व रेखा ने धन के लालच में जहर देकर 21 मार्च 2009 को मार दिया।
माता प्रसाद का यह भी आरोप था कि उसके भाई राम नरायन की कोई औलाद नहीं थी तथा इन लोगों ने उसका छह बीघा खेत बेचवा कर रुपया हड़प लिया था, जिसका जानकारी सभी को शीघ्र ही हुई थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद राम गोपाल व रेखा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सरकारी अधिवक्ता उमाशंकर सिंह ने सात सरकारी गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली के अवलोकन के बाद जिला जज उमेश सिंह ने रेखा को हत्या का आरोपी मानते हुए आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने आदेश किया कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को 18 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। साक्ष्यों के अभाव में जिला जज ने राम गोपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया।