शहर के इमामबाड़ा मोहल्ले में कांशीराम आवासीय कॉलोनी में रविवार की रात पुलिस की गिरफ्तारी से बचने को एक युवक तीन मंजिला इमारत से कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत नाजुक होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया है। हादसे से गुस्साए लोगों ने महराजगंज पुलिस चौकी का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मामले की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों के समझाने पर लोग शांत हुए। एहतियातन इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
शहर के इमामबाड़ा मोहल्ले में कांशीराम आवासीय कॉलोनी के एक आवास में चार अपराधियों के जमावड़े की सूचना पर रविवार देर रात महराजगंज पुलिस चौकी के दो सिपाही दीपक गुप्ता व रमेश कुमार दबिश देने पहुंचे।
सिपाहियों ने जिस आवास में दबिश देने की कोशिश की, उसी आवास की तीसरी मंजिल से यहीं के रहने वाले सज्जन का बेटा शहनूर (18) पुलिस से बचने के लिए नीचे कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस घटना से गुस्साए मोहल्ले के लोगों ने महराजगंज पुलिस चौकी का घेराव कर लिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अधिकारियों के समझाने पर शांत हुए। एहतियातन इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इमामबाड़ा मोहल्ले में रविवार की रात पुलिस की दबिश के डर से तीन मंजिला इमारत से कूदने में शहनूर के घायल होने से हुए बवाल के बाद पुलिस सतर्क हो गई। पुलिस की गाड़ियां पूरी रात इलाके में हूटर बजाती हुईं गश्त करती रहीं। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण मामला शांत हो गया।
अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार सिंह ने कहा कि शहर के इमामबाड़ा मोहल्ले की कांशीराम आवासीय कॉलोनी में रविवार की रात तीसरी मंजिल से कूदने के कारण घायल हुए शहनूर का लखनऊ में इलाज चल रहा है। अपराधियों की सूचना पर दबिश देने गए सिपाहियों की भूमिका की जांच कराई जा रही है।