बनकटी गांव में रहकर सूकर पालन करने वाला मंगल प्रसाद बुधवार की सुबह 5 बजे अपने सूकरों को चराने के लिए दतौली चीनी मिल के कैंपस में बने स्टैंडवाश के नजदीक गया था। मंगल प्रसाद के अनुसार जब वह स्टैंडवाश के नजदीक पहुंचा तो उसे स्टैंडवाश से एक गैस निकलती महसूस हुई, जिससे उसका दम घुटने लगा।
वह कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उसे मूर्छा आ गई और वह बेहोश हो गया। कुछ देर बाद जब गांव वालों ने उसे घर ले जाकर उसके मुंह पर पानी डाला, तब उसे होश आया। मंगल प्रसाद ने मिल प्रसासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना से क्षेत्र के लोग दहशत में हैं।
पीड़ित के मुताबिक वह चीनी मिल के स्टैंडवाश के करीब अपने 80 सुअरों को चराने के लिए पहुंचा था। जहां जहरीली गैस की चपेट में आने से वह बेहोश हो गया और उसके 80 सूअर इस गैस के रिसाव से मर गए। हालांकि स्टैंडवाश के किनारे से केवल 35 सूकरों के ही शव पुलिस ने बरामद किया है।
सी स्टैंडवाश के इर्द-गिर्द 35 सुअरों के अलावा 2 जंगली खरगोश, 12 कबूतर व एक पानी में रहने वाला सांप भी मरा पाया गया। मंगल प्रसाद के मुताबिक इन सभी जीव-जंतुओं की मौत चीनीमिल के स्टैंडवाश से निकली जहरीली गैस से हुई है। वहीं दूसरी ओर मिल प्रशासन मंगल प्रसाद के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है।
प्रभारी कोतवाल जयशंकर मिश्र का कहना है कि वह प्रत्येक पहलू पर मामले की जांच कर रहे हैं। उधर जहरीली गैस से मौत की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे सीओ सदर राजेश तिवारी व एसडीएम वीके सिंह ने आसपास के ग्रामीणों से उनके बयान दर्ज किए। इसके अलावा फैजाबाद से आई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तीन सदस्यीय टीम भी मामले की जांच करने में लगी है।
डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
डीएम आशुतोष निरंजन ने मनकापुर दतौली चीनी मिल से सम्भावित गैस रिसाव के कारण जीवों की असामयिक मृत्यु का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से पांच सदस्यीय टीम बनाकर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं एवं मिल पबन्धन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी है।
डीएम ने बताया कि सीएचसी मनकापुर मेडिकल टीम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की तीन डॉक्टरों की टीम, जिला गन्ना अधिकारी व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम फैजाबाद से स्थल पर पहुंची और घटना की जांच कर डीएम को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सूकरों के अलावा पक्षी, खरगोश भी मौके पर मृत पाए गए। रिपोर्ट में बताया गया कि इतनी अधिक संख्या में पशु-पक्षियों का मरना अस्वाभाविक है और शुगर फैक्ट्री के आरओ प्लान्ट के भीतर की घटना होने के कारण केमिकल रिएक्शन के कारण यह घटना घटित हुई।
घटना की तकनीकी जांच एवं पुष्टि के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फैजाबाद की टीम की जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। मृत जानवरों का पोस्टमार्टम कराकर विसरा सुरक्षित कर लिया गया है और शवों का सुरक्षित निस्तारण पशु चिकित्साधिकारियों की टीम की उपस्थिति में करा दिया गया।