चार साल पहले होली में मामूली कहासुनी को लेकर स्वामीदीन की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी पिता-पुत्रों को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सतेंद्र कुमार ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष अभियोजन अधिकारी डीबी पाठक एवं यहिया खां के मुताबिक परसपुर थाना क्षेत्र के सकतपुर पुरवा घाट के रहने वाले बाबादीन पुत्र राम लौटन ने अदालत के आदेश पर हत्या का मुकदमा सुरेश पुत्र खेलावन, ओमप्रकाश पुत्र खेलावन व खेलावन पुत्र हरिशंकर निवासी सीरपुरवा मौजा सकतपुर के खिलाफ पांच अप्रैल 2011 को परसपुर थाने में दर्ज कराया था।
इसमें कहा गया कि स्वामीदीन 20 मार्च 2011 की दोपहर 11 बजे होली खेलने अपने साथियों के संग सीरपुरवा गया था। वहां सुरेश, ओमप्रकाश व उसके पिता खेलावन से मामूली कहासुनी हो गई। इसी को लेकर तीनों लोगों ने स्वामीदीन को घेरकर तमंचे से गोली मार दी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बाबादीन ने स्वामीदीन की हत्या की सूचना परसपुर थाने में दी, मगर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। बाद में अदालत के आदेश पर सुरेश, ओमप्रकाश व उसके पिता खेलावन के खिलाफ परसपुर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सत्र परीक्षण के दौरान विशेष अभियोजन अधिकारी ने अदालत में गवाहों के बयान कराए।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना एवं पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी सुरेश, ओमप्रकाश व खेलावन को स्वामीदीन की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर तीनों आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अर्थदंड की रकम में आधी राशि स्वामीदीन की पत्नी अथवा उसकी अनुपस्थिति में उसके उत्तराधिकारी को समान रूप से देनी होगी।