अलग-अलग स्थानों पर मंगलवार को बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। गोंडा में बिजली गिरने से जहां एक पुरुष व महिला की मौत हो गई तो वहीं धानेपुर क्षेत्र में दत्तनगर गांव के मजरा राजापुर में बिजली गिरने से एक युवक बेहोश हो गया। वहीं, बलरामपुर में भी बिजली गिरने से एक युवक की जान चली गई।
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के सोनौली मोहम्मदपुर गांव के रहने वाले हनुमान यादव की पत्नी निर्मला (42) सुबह पांच बजे घर से निकलकर शौच को जा रही थी। तभी रास्ते में उन पर अचानक बिजली गिर पड़ी, जिससे निर्मला की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता के मुताबिक निर्मला की मौत बिजली गिरने से हुई है। पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
दूसरी घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र के गांव वीरेपुर के मजरा रहेथू में हुई। बताया जाता है कि यहां के रहने वाले केदारनाथ का इकलौता पुत्र चंद्रप्रकाश (20) सुबह अपने दो चचेरे भाइयों अनिरुद्ध व झाला के साथ मिलकर सुबह खेत की गोड़ाई कर रहा था।
इसी दौरान उस पर बिजली गिर पड़ी, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। हलका लेखपाल के साथ राजस्व निरीक्षक भगवानदास ने मौके का मुआयना किया। उनके मुताबिक चंद्रप्रकाश की मौत बिजली गिरने से हुई है।
तहसीलदार मनकापुर राजेश जायसवाल ने बताया कि पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद वह मुहैया करवाएंगे। वहीं, घटना का संज्ञान लेते हुए डीएम आशुतोष निरंजन ने मृतक के परिवारीजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश एसडीएम मनकापुर वीके सिंह को दिए हैं।
तीसरी घटना धानेपुर के गांव दत्तनगर के मजरा राजापुर की है। यहां मंगलवार की सुबह अचानक गिरी बिजली से हरीराम (55) बेहोश हो गया। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, तरबगंज के पकड़ी में बिजली गिरने से गांव में रहने वाले जवाहर पांडेय के घर का छज्जा भी टूट गया।
उधर, बलरामपुर में मंगलवार को घिरे बादलों के बीच शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद तेज बरसात हुई। इसी दौरान उतरौला कोतवाली क्षेत्र के पिपरा रामचंदर गांव में अचानक गिरी बिजली की चपेट में आकर राघवराम के पुत्र चेतराम (18) की मौत हो गई।
उतरौला तहसील क्षेत्र के नायब तहसीलदार संतोष सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, इसी तहसील क्षेत्र के मसीहाबाद ग्रंट गांव में बिजली गिरने से बुधराम की भैंस की मौत हो गई। बारिश से लोगों को कई दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से भी भारी राहत मिली है।
बरसात के कारण नगर में सड़कों पर जगह-जगह गड्ढों में पानी भरने के चलते जलभराव हो गया है। बारिश से खेतों में सूख रही धान की नर्सरी को संजीवनी मिल गई है। किसान शिव कुमार, राम अचल, कृष्ण गोपाल, हमीद व अताउल्ला आदि ने बताया कि नमी के चलते दलहनी फसलों की बोआई करने में मदद मिलेगी।