बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के देवरिया मुबारकपुर गांव से बीती रात चोरों ने करीब 140 वर्ष पुराने मंदिर से अष्टधातु की सात मूर्तियां पार कर दीं। इन मूर्तियों का वजन करीब ढाई क्विंटल और बाजार में इनकी कीमत करोड़ों में अांकी जा रही है। हालांकि कीमत की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के देवरिया मुबारकपुर गांव निवासी अनूप कुमार मिश्र के आवास परिसर में ही ठाकुर रामजानकी मंदिर स्थित है। इस मंदिर में राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमानजी के साथ भरत-शत्रुघभन और कौशल्या की अष्टधातु की मूर्ति भी स्थापित थीं।
अनूप ने बताया कि रोज शाम आठ बजे आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया जाता है। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1875 में हुआ था। अनूप ने बताया कि शुक्रवार रात भी आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया गया था। इसी बीच देर रात चोरों ने मंदिर के बगल लगे दरवाजे की कुुंडी तोड़कर सातों मूर्तियां पार कर दीं।
अनूप के मुताबिक इन मूर्तियों का कुल वजन करीब ढाई क्विंटल है। बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपये अांकी जा रही है। अनूप व उनके परिवारीजनों को घटना की जानकारी शनिवार सुबह हुई। थानाध्यक्ष बलरामपुर देहात नरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि अनूप की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मूर्तियों के कुल वजन तथा कीमत के बारे में सही जानकारी नहीं है। मामले की छानबीन की जा रही है।
देवरिया मुबारकपुर गांव स्थित मंदिर से चोरी हुईं सात मूर्तियों का वजन पीड़ित द्वारा करीब ढाई क्विंटल बताया जा रहा है। इन मूर्तियों तथा चोरों का पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है। शीघ्र ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। -नृपेंद्र, सीओ सिटी बलरामपुर