दहेज में सोने की चेन व अंगूठी नहीं मिली तो ससुराल वालों ने महिला को मार डाला और साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को जला दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की तो उसे गांव के तालाब के पास महिला की चिता जलती मिली।
पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर चिता से महिला की अस्थियां व अन्य अवशेष एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। इस मामले में महिला की मां ने परसपुर थाने में पति समेत तीन लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
परसपुर थाना क्षेत्र के बलमत्थर गांव के मजरा डीहा की रहने वाली मंजू पत्नी रामदेव ने बताया कि उसने अपनी 19 वर्षीया बेटी आरती की शादी बीती 25 मई को परसपुर थाना क्षेत्र के करड़ गांव के मजरा पूरे बरईपुरवा निवासी गोरखनाथ के बेटे सुरेश के साथ की थी।
मंजू के मुताबिक शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वाले दहेज में सोने की चेन व अंगूठी की मांग करने लगे। इसके लिए वे आरती को प्रताड़ित किया करते थे। मंजू ने बताया कि जब सोने की चेन व अंगूठी की मांग पूरी नहीं हुई तो ससुराल वालों ने आरती को 28 अगस्त की रात मार डाला।
इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को गांव के बाहर एक तालाब के पास ले जाकर जला दिया। मंजू के मुताबिक बेटी की ससुराल के गांव के लोगों ने 28 अगस्त की देर रात उसे फोन पर बताया कि ससुराल वालों ने आरती की हत्या कर दी और शव को जला दिया है।
इसकी खबर मिलते ही वह अपने जेठ छेदी और गांव के अन्य लोगों के साथ बेटी के ससुराल पहुंची तो उसका शव चिता पर जल रहा था। मंजू ने बताया कि सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने चिता को बुझवा दिया। पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर चिता से आरती की अस्थियां व अन्य अवशेष एकत्र कराकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
मंजू ने परसपुर थाने में पति सुरेश, ससुर गोरखनाथ व सास राजकुमारी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष परसपुर देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।