बेटे की गवाही पर जिला सत्र न्यायाधीश ने बाप को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बेटे ने बाप पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया था। जिला जज ने मंगलवार को सुनाई सजा में दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करने का आदेश दिया है।
पचपेड़वा थाना क्षेत्र के गांव सेमरहवा निवासी अनिल कुमार ने 19 अप्रैल 2012 को थाने पर तहरीर दी थी कि उसके पिता कमला प्रसाद ने मां इंद्रावती से किसी बात को लेकर लड़ाई की तथा कुल्हाड़ी से हमला करके मां को मार डाला।
अनिल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कमला प्रसाद को जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पचपेड़वा पुलिस ने हत्या का आरोपी मानते हुए कमला प्रसाद के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सत्र परीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय के सरकारी अधिवक्ता उमाशंकर सिंह ने छह गवाहों को न्यायालय में पेेश किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश उमेश सिंह ने कमला प्रसाद को इंद्रावती की हत्या का दोषी माना और कमला प्रसाद को कठोर आजीवन कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आदेशित किया कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।