शेखरपुर गांव में दरवाजा बनाने गए कारीगर की ड्रिल मशीन चलाते समय करंट लगने से मौत हो गई। सूचना के बावजूद मौके पर पुलिस के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने देहात थाना क्षेत्र के हसुआडोल गांव के निकट बौद्ध परिपथ पर शव रखकर चक्का जामकर हंगामा किया। अपर पुलिस अधीक्षक के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पाननकुइयां निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा (25) शनिवार की शाम शेखरपुर गांव के एक घर में दरवाजा लगाने गया था। दरवाजा लगाते समय ड्रिल मशीन में अचानक करंट उतर आने के कारण राजेंद्र की मौत हो गई।
राजेंद्र के चाचा हृदय ने बताया कि घटना की सूचना देहात थाने की पुलिस को दी गई, लेकिन रविवार सुबह तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की कार्यशैली से नाराज रामसागर, देव नरायन शुक्ला, सुग्रीव, अशोक शुक्ला व ननकने सहित तमाम ग्रामीणों ने बौद्ध परिपथ पर शव रखकर चक्का जाम कर हंगामा शुरू कर दिया।
देहात थाने की पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक एसके राय ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। थानाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने बताया कि मृतक के चाचा की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
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