थाना क्षेत्र के बभनजोत गांव के मजरा पुरवा में मंगलवार रात को ढिबरी से लगी आग के चलते एक विवाहिता की जलकर मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बगल में सो रही उसकी तीन वर्षीया बेटी भी आंशिक रुप से झुलस गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने विवाहिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है जबकि मासूम बालिका को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
छपिया थाना क्षेत्र के हथियागढ़ गांव के रहने वाले राम सहाय के मुताबिक उन्होने अपनी बेटी कंचना का विवाह छह साल पहले खोंडारे थाना क्षेत्र के बभनजोत गांव के मजरा पुरवा के रहने वाले दयाशंकर के साथ की थी। वर्तमान में दयाशंकर रोजगार के लिए गुजरात प्रांत में रह रहा है।
घर पर कंचना अपनी तीन साल की मासूम बेटी सोनाक्षी व दिमागी रुप से कमजोर श्वसुर फागू के साथ रह रही थी। कंचना देवी रोज की तरह मंगलवार को भी खाना खाने के बाद अपनी बेटी के साथ घर में सो रही थी। रोशनी के लिए उसने घर में ढिबरी जला रखी थी।
राम सहाय ने बताया कि देर रात रोशनी के लिए जलाई गई ढिबरी अचानक नीचे गिर गई और उसके लौ से कंचना के कपड़ों में आग लग गई। जब तक वह कुछ समझ पाती आग की लपटों ने उसे घेर लिया और उसकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
इस हादसे में अपनी मां के बगल में सो रही तीन साल की मासूम सोनाक्षी भी मामूली रुप से झुलस गई। इस हादसे ने दयाशंकर की गृहस्थी को तो उजाड़ा ही साथ ही मासूम सोनाक्षी के सिर से उसकी मां का साया भी छीन लिया। हदसे की सूचना मिलने पर राम सहाय ने इसकी सूचना खोड़ारे पुलिस को दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंचना के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है जबकि सोनाक्षी को इलाज के लिए गौरा चौकी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रभारी थानाध्यक्ष जंग बहादुर यादव ने बताया की पोसटमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।