पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों की लापरवाही ने शनिवार को एक किसान की जान ले ली। बताया जाता है कि खेत में काफी नीचे झूल रहे बिजली के 11 हजार लाइन के तार का करंट अचानक ट्रैक्टर में उतर आया, जिससे ट्रैक्टर चला रहे ड्राइवर को तो कुछ नहीं हुआ, लेकिन ट्रैक्टर के पीछे हेंगे पर बैठे किसान की मौत हो गई।
मामला मनकापुर बिजलीघर से भिटौरा गांव को जाने वाली 11 हजार की उस लाइन का है, जिसके छह महीने पहले टूटकर गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
बताया जाता है कि शनिवार को भिटौरा गांव के मजरा झामपुरवा में रहने वाले रामतेज अपने खेत की ट्रैक्टर से जुताई करवा रहे थे। रामतेज के ही खेत से बिजली की एक हाईटेंशन लाइन (11 हजार वोल्ट) गई हुई है, जिसके तार काफी नीचे झूल रहे हैं।
शनिवार की शाम खेत की जुताई करते समय रामतेज ट्रैक्टर के पीछे हेंगे (जमीन को समतल करने वाला लकड़ी का चौड़ा टुकड़ा) पर बैठा था। जबकि मालिक धनराज ट्रैक्टर चला रहे थे। इसी बीच काफी नीचे झूल रहा बिजली का तार अचानक ट्रैक्टर के हुड से जा छुआ और पूरे ट्रैक्टर में बिजली का करंट उतर आया।
चूंकि लकड़ी का हेंगा लोहे के तार से बंधा था, जिसे रामतेज ने हाथ से पकड़ रखा था। इस कारण जैसे ही बिजली का करंट ट्रैक्टर में उतरा, उसने रामतेज को चपेट में ले लिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि ट्रैक्टर चला रहे चालक धनराज की जान बाल-बाल बच गई।
वहीं ट्रैक्टर के दोनों पहिए भी हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से जल गए। मामले की सूचना ग्रामीणों ने बिजली उपकेंद्र पर देने के साथ ही थाने पर दी है। वहीं मनकापुर के उपखंड अधिकारी दिव्य रंजन ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना अभी-अभी मिली है, जिसे दिखवाया जा रहा है।