आरपीएफ की लखनऊ से आई अपराध आसूचना विभाग की टीम ने गुरुवार को जिले में छापेमारी कर दो साइबर कैफे संचालकों को 24 फर्जी आईडी व सात एटीएम कार्डों के साथ धर दबोचा। टीम को पकड़े गए लोगों के पास से सात तत्काल टिकट भी बरामद हुए।
बताया जाता है कि दोनों साइबर कैफे संचालक फर्जी आईडी पर यात्रियों का तत्काल रेल टिकट बनाकर उनसे टिकट की मुंहमांगी कीमत वसूलते थे। मुखबिर से मिली सूचना पर गुरुवार को टीम ने उनके साइबर कैफे पर छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आईआरटीसी के तहत तत्काल रेल टिकट बनाने के लिए रेलवे की ओर से हर व्यक्ति को एक आईडी पर महीने भर में छह बार टिकट बनाने का अधिकार प्राप्त होता है। लेकिन जिले के साइबर कैफों में बैठे संचालक फर्जी आईडी पर ही तमाम यात्रियों का तत्काल टिकट बनाकर उनसे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे हैं।
गुरुवार को इसका भंडाफोड़ तब हुआ, जब लखनऊ से आई आरपीएफ की अपराध आसूचना विभाग की टीम ने जिला स्तरीय आरपीएफ टीम के साथ मिलकर दो साइबर कैफों में छापेमारी की।
बहराइच रोड स्थित सीतारामपुरम व शास्त्रीनगर के दो अलग-अलग साइबर कैफों में टीम को संचालकों के पास से 24 फर्जी आईडी मिली। जिसके आधार पर दोनों साइबर कैफे संचालक यात्रियों का तत्काल टिकट बनाकर उनसे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे थे।
शास्त्रीनगर तोपखाना में संचालित साइबर कैफे के संचालक मोहम्मद असलम खां के पास से सीआईबी की टीम ने 19 फर्जी आईडी बरामद करते हुए पांच तत्काल टिकट भी बरामद किए हैं। वहीं बहराइच रोड पर सीतारामपुरम के साइबर कैफे संचालक अरिसूदन के पास से पांच फर्जी आईडी टीम को मिली हैं।
आरपीएफ के अपराध आसूचना विभाग लखनऊ से आई टीम के प्रभारी निरीक्षक केके सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देश पर गुरुवार को उन्होंने दो साइबर कैफों पर छापेमारी की थी। जहां से उन्हें 24 फर्जी आईडी व पांच तत्काल रेल टिकट बरामद हुए हैं।
उन्होंने बताया कि यह लोग अपने कंप्यूटर पर साफ्टवेयर लोड कर सुबह 10 बजे से पहले यात्रियों का नाम कंप्यूटर पर फीड कर लेते थे। जैसे ही 10 बजते थे, वैसे ही इनका टिकट बनकर तैयार हो जाता था। गोंडा में इस तरह टिकट बनाने का खेल कई और साइबर कैफों में भी चल रहा ह,ै जिसका जल्द ही भंडाफोड़ किया जाएगा।