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फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी कर रहे 15 शिक्षक बर्खास्त

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फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी कर रहे 15 शिक्षक बर्खास्त

गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में जाली दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने वाले एक बड़े गिरोह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पिछले वर्ष 16448 शिक्षक भर्ती के दौरान कुछ लोगों ने जाली दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल कर ली।

शिकायत मिलने पर जब इनके शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराई गई तो सहायक अध्यापक पद पर तैनाती पाने वाले 15 लोगों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए। शनिवार को बीएसए ने इन शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा थमता नहीं दिखाई दे रहा है। शनिवार को एक बार फिर जिले के सरकारी स्कूलों में जाली शैक्षिक अभिलेखों के माध्यम से नौकरी हथियाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। 16448 शिक्षक भर्ती के दौरान पिछले वर्ष अगस्त 2016 में जिले में शिक्षकों नियुक्ति दी गई थी।

इस भर्ती प्रक्रिया में फर्जी शैक्षिक अभिलेख लगाकर 15 लोगों ने सहायक अध्यापक की नौकरी हथिया ली। चार माह बाद जब जनवरी 2017 में इनके अभिलेखों का सत्यापन कराया गया तो 17 सहायक अध्यापकों के शैक्षिक दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच में चार शिक्षकों की टीईटी की मार्कशीट भी फर्जी पाई गई।

इस पर तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह ने इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए बीएसए ने तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया था।

इस समिति के बार बार बुलावे के बावजूद सिर्फ दो शिक्षक ही अपने अभिलेखों समेत प्रस्तुत हुए जबकि 15 शिक्षक नोटिस मिलने के बाद से स्कूल छोड़कर नदारद हो गए। अजय कुमार सिंह के तबादले के बाद जिले में आए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय ने भी इन सभी को नोटिस जारी कर शैक्षिक अभिलेखों समेत अपने कार्यालय में तलब किया लेकिन किसी ने भी अपना अभिलेख प्रस्तुत नही किया।

इस पर कउ़ा रुख अख्तियार करते हुए बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने शनिवार को फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 15 सहायक अध्यापकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने संबंधित विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारियों को बर्खास्त किए गए शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

दो जिलों में करते रहे नौकरी

गोंडा। शैक्षिक अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने वाले दो शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति में फर्जीवाड़ा किया। इन दोनों ने एक ही अभिलेख पर गोंडा व फिरोजाबाद में नौकरी हासिल कर ली। दोनों ही जिलों से वेतन भी लेते रहे।

पिछले माह में जब इनका आधार नंबर फीड कराया गया तो दोनों जिलों में नौकरी करने की जालसाजी का खुलासा हुआ। इस मामले में वैभव यादव व सुकांत यादव के खिलाफ फिरोजाबाद में भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
इनसेट
इन शिक्षकों के खिलाफ हुई कार्रवाई
नाम तैनाती स्थल ब्लाक
मनोज कुमार प्रा वि टेंगनहवा बभनजोत
चंद्रकांत प्रा वि चांदपुर परसपुर
वैभव यादव प्रा वि मल्लहनपुरवा करनैलगंज
शिव कुमार शर्मा प्रा वि विशुनपुर कला द्वितीय परसपुर
संदीप कुमार वर्मा प्रा वि उर्दी गोंडाडीह कटरा बाजार
देवेश चंद्र वर्मा प्रा वि महापारा कटरा बाजार
राघवेंद्र कुमार वर्मा प्रा वि पिपरी माझा कटरा बाजार
सुकांत यादव प्रा वि पूरे अहलाद बेलसर
दीपक वर्मा प्रा वि उड़िला कटरा बाजार
आशीष कुमार प्रा वि राजगढ़ अमीनपुर इटियाथोक
वेद प्रकाश प्रा वि पूरे मुसद़दी इटियाथोक
सुबोध कुमार प्रा वि पूरे बिहान टेपरा बेलसर
अशोक कुमार प्रा वि ढढ़ौवा कुटुबजोत बभनजोत
चंदन यादव प्रा वि सरैया प्रथम करनैलगंज
जितेंद्र कुमार प्रा वि पिसैइयां कटरा बाजार
वर्जन
16448 शिक्षक भर्ती के दौरान तैनाती पाने कुल 17 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख जांच के दायरे में थे। इनमें से एक शिक्षक का अभिलेख सही मिला जबकि दूसरे की जांच चल रही है।
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शेष 15 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। इन सभी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही संबंधित ब्लाक के बीईओ को इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए
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