ट्रैक पर टूटा ओवरहेड तार, रेल यातायात 11 घंटे ठप
गोंडा। मैजापुर व कचहरी रेलवे स्टेशन के बीच ओवरहेड लाइन का तार शुक्रवार को टूटकर गिर गया। इससे अप व डाउन साइड की ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया। तार गिरने की सूचना से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
करीब 11 घंटे तक मेजर ब्लॉक लेने के बावजूद रेलवे की इलेक्ट्रिक व इंजीनियरिंग विभाग की टीमें मिलकर भी अप ट्रैक पर आए बिजली के फाल्ट को नहीं ढूंढ पाई। जिससे गोरखपुर से गोेंडा के रास्ते लखनऊ जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेनों का ट्रैफिक शाम 6 बजे तक ठप रहा।
पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम व डीआरएम ने मामले की जांच की आदेश दिए हैं।
लखनऊ गोेंडा ट्रैक पर शुक्रवार सुबह सवा 7 बजे ओवरहेड का तार टूटकर ट्रैक पर ही लटकने लगा। तार टूटते ही ट्रैक से होकर चलने वाली इले क्ट्रिक लोको की ट्रेनें (सवारी व मालगाड़ी) जहां के तहां खड़ी हो गई।
आनन-फानन में रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और डाउन ट्रैक का तो फाल्ट टीम ने घंटे भर के भीतर दुरुस्त कर लिया। जबकि अप ट्रैक का फाल्ट 11 घंटे बीतने के बावजूद शाम 6 बजे तक ठीक नहीं हो पाया। इस कारण गोरखपुर से लखनऊ वाया गोेंडा होकर चलने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन ठप रहा।
जिन्हें एक-एक कर डीजल लोको से जैसे-तैसे गोेंडा लाकर यहां से लखनऊ ले जाया गया। जिससे रेल यात्रियोें को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव अग्रवाल व डीआरएम विजयलक्ष्मी कौशिक ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए इसके लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित की है। जबकि अप साइड का फाल्ट खोजकर उसे ठीक करने के लिए रेलवे अधिकारी लगातार मौके पर रहकर पूरे मामले की मानीटरिंग कर रहे हैं।
यहां-वहां स्टेशन पर खड़ी की गई ट्रेनें
शुक्रवार सवा 7 बजे मैजापुर व कचहरी रेलवे स्टेशन के बीच रेल ओवरहेड का तार टूटने से 12531 गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस को मोतीगंज, 12511कोचीन एक्सप्रेस को झिलाही, 15203 बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस को स्वामीनारायण छपिया, 15209 अवध आसाम एक्सप्रेस को लखपत नगर, 15279 पोबन्दर एक्सप्रेस को बरुआचक, 11123 बरौनी ग्वालियर एक्सप्रेस को मनकापुर, वैशाली एक्सप्रेस को करनैलगंज, 15274 सत्यग्रह एक्सप्रेस को जरवल रोड जबकि छपरा-मथुरा एक्सप्रेस को बभनान रेलवे स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया।
बिजली के बजाए डीजल से चलीं ट्रेनें
रेल ओवर हेड का तार टूटने के बाद अप साइड की ट्रेनों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए रेलवे अधिकारियोें ने बीत का रास्ता निकालते हुए ट्रेनों में लगे इलेक्ट्रिक लोको को काटकर अलग किया और डीजल के दो लोको लगाकर ट्रेनों को उनके गंतव्य तक ले गए। लेकिन इस काम में भी तीन से चार घंटों का समय लगने से यात्रियोें को तमाम तरह की दिक्कतें उठानी पड़ी।
इनसेट
मेजर ब्लॉक के बीच अवध-आसाम, आम्रपाली व बांद्रा को मिला पास
अप साइड पर आए बिजली के फाल्ट को खोजने में लगी इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिक विंग की टीम जब दोपहर 12 बजे तक लाइन फाल्ट को क्लियर नहीं कर पाई तो उसने मेजर ब्लॉक ले लिया।
जिससे आम्रपाली, बांद्रा व अवध आसाम एक्सप्रेस को गोेंडा पहुंचने पर जहां के तहां रोकना पड़ गया। हालांकि बाद में मेजर ब्लॉक के दौरान इन गाड़ियोें को डीजल लोको से पास जरूर कराया गया। लेकिन ट्रेनों को जहां-तहां खड़ा कर दिए जाने से यात्रियोें को खासी दिक्कतें जरूर हुईं।
कराई जा रही जांच
पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और एक उच्चस्तरीय टीम भी गठित की गई है। अप साइड का फाल्ट खोजकर उसे ठीक करने के लिए रेलवे के अधिकारियों को लगाकर पूरे मामले की मानीटरिंग कराई जा रही है।
-राजीव अग्रवाल जीएम पूर्वोत्तर रेलवे