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अब सीबीसीआईडी करेगी सोनू हत्याकांड की जांच

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अब सीबीसीआईडी करेगी सोनू हत्याकांड की जांच
हाईकोर्ट ने जिले की पुलिस को दिया झटका
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। धानेपुर थाना क्षेत्र के बंदरमरवा गांव की रहने वाली 15 वर्षीय नौवीं की छात्रा सोनू की हत्या की जांच अब सीबीसीआईडी करेगी। पुलिस जांच के दौरान प्रकाश में आए आरोपियों के नाम को विवेचना से बाहर करने की पुलिस की कोशिशों पर सख्त रवैया अपनाते हुए हाईकोर्ट ने जिले की पुलिस को झटका दे दिया है और इसकी जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है। हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को इस केस से संबंधित सभी अभिलेख तत्काल नामित की गई जांच एजेंसी को सौंपने के आदेश दिए हैं। साथ ही सीबीसीआईडी के एसपी को इस मामले की जांच का आदेश दिया है।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के बंदरमरवा गांव की रहने वाली 15 वर्षीय सोनू की तीन साल पहले 14 नवंबर 2014 को हत्या कर दी गई थी। पांच दिन बाद उसका शव लटकता हुआ मिला था। इस मामले में छात्रा के पिता बद्री प्रसाद ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस इस घटना के खुलासे के काफी करीब पहुंच गई थी लेकिन आरोपियों के राजनैतिक रसूख के चलते यह मामला दबा दिया गया था। छात्रा के पिता ने हाईकोर्ट में न्याय की फरियाद की तो कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट को निरस्त करते हुए एसपी को इस मामले की दोबारा विवेचना कराने के निर्देश दिए। विवेचना के दौरान तत्कालीन विवेचक विनोद कुमार यादव ने इस मामले में छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बजरंग, उत्तम, इरशाद, पूनम व पेशकार समेत पांच लोगों को दोषी माना। अब तक एक पेशकार,पूनम व इरशाद जेल भी जा चुके हैं जबकि बजरंग व उत्तम अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस इन्ही दोनों आरोपियों को बचाने की कोशिश में जुटी हुई है। पुलिस की इस कार्यशैली से आहत पीड़ित बद्री प्रसाद ने हाईकोर्ट में जिले की पुलिस पर विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया था और इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराये जाने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने एसपी से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था लेकिन एसपी इस मामले में अपना जवाब दाखिल नहीं कर सके। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और गुरुवार को हत्या के इस मामले को सीबीसीआईडी को सौंपने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने केस से संबंधित सभी अभिलेख सीबीसीआईडी को साैंपने के आदेश दिए हैं।
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