आवास के लिए 20 हजार मांग रहे सचिव व ग्राम प्रधान
पीडी की जांच में चयनित पात्रों ने किया खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। साहब, प्रधानमंत्री आवास के लिए हमार चयन भवा है, लेकिन प्रधान व सेक्रेटरी आवास देवावै के लिए 20 हजार मांगत है। कहत हैं कि जैसे डाक्टर आला लगावे कै पैसा लेत है वैसे ही हमरेव मुंह पेट है। बिना पैसा दिहे आवास न मिल पाई। बातचीत का यह अंश उस रिकार्डिंग का हिस्सा है जो छपिया विकास खंड के ग्राम पंचायत केशवनगर ग्रंट की रहने वाली एक गरीब महिला लाभार्थी ने परियोजना निदेशक को बताया है। इस गरीब की महिला के खुलासे से परियोजना निदेशक भी अवाक हैं। परियोजना निदेशक का कहना है कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
छपिया विकास खंड के ग्राम पंचायत केशवनगर ग्रंट में 75 लाभार्थियों का चयन प्रधानमंत्री आवास के लिए किया गया है। सोमवार को परियोजना निदेशक वीरपाल इस गांव के मजरे बलुआडीह में पात्र लाभार्थियों की जांच करने के लिए गए थे। पीडी के मुताबिक बलुआडीह की रहने वाले उदयराज को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के लिए चयनित किया गया है। आवास के नाम पर उदयराज के पास छप्पर का घर है जिसमें वह अपने परिवार के साथ रहता है। पीडी ने बताया कि सोमवार को जब वह उदयराज के घर पहुंचे तो उनका पहला सवाल था कि आवास का निर्माण क्यों नही करा रहे हो। इस पर उदयराज की पत्नी ने पीडी ओ जो कुछ बताया उसे सुनकर पीडी अवाक रहे गए। उदयराज की अनपढ़ पत्नी दुरपता ने पीडी को बताया कि ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी आवास के नाम पर बीस हजार रुपये मांग रहे हैं। कहते हैं कि जब तक पैसा नही मिलेगा आवास की किश्त नही मिलेगी। सेक्रेटरी का कहना है कि जैसे डाक्टर के पास जाने पर वह आला लगाकर चेकअप करने के नाम पर पैसे लेता है उसी तरह से आवास लेने के लिए भी पैसा देना पड़ता है। दुरपता ने कहा कि साहब घर में खाने को कुछ नही है किसी तरह से मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाया जा रहा है ऐसे में आवास मिले न मिले बीस हजार रुपये की रकम देना उनके बस की बात नही हैं। परियोजना निदेशक ने दुरपता की पूरी बात को रिकार्ड भी किया है। इस खुलासे के बाद अब ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। परियोजना निदेशक वीरपाल ने बताया कि आवास के नाम पर गरीबो से रुपये की मांग करना आपराधिक कृत्य है। इसके लिए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जायेगी।
इनसेट
जांच के लिए छह टीमों का गठन
केशवनगर ग्रंट ग्राम पंचायत में चयनित किए गए 75 लाभार्थियों की जंाच के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों के सदस्य प्रत्येक लाभार्थी के घर जाकर उनकी पात्रता की जांच करेंगे। तीन दिन में सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। किसी भी दशा में पात्र लाभार्थियों से वसूली नही होने दी जायेगी।