गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र के खोरहंसा के समीप दो दिन पहले ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के साथ हुई 1.60 लाख रुपये की लूट की घटना की जांच अब क्षेत्राधिकारी सदर करेंगे। एसपी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच सीओ को सौंपी है। इसके साथ ही रिपोर्ट न दर्ज करने वाले देहात कोतवाल पुलिस अधीक्षक के निशाने पर आ गए हैं।
सूत्रों की कहना है कि हीलाहवाली करने वाले देहात कोतवाल के खिलाफ देर सबेर कार्रवाई तय मानी जा रही है। कोतवाली देहात क्षेत्र के मधईपुर गांव में ग् राहक सेवा केंद्र का संचालन करने वाला राम सुंदर विश्वकर्मा दो दिन पहले रुपये निकालने के लिए खोरहंसा स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक गया था। वहां से 1.60 लाख रुपये निकालने के बाद जब वह वापस लौट रहा था तभी रास्ते में काजी तरहर मजार के पास अपाची बाइक सवार तीन युवकों ने रामसुंदर को मारपीट कर उससे रुपयों से भरा बैग लूट लिया था और भाग निकले थे। रामसुंदर इसकी रिपोर्ट लिखने देहात कोतवाली पहुंचा तो कोतवाल ने उसकी रिपोर्ट लिखने के बजाय जांच की बात कहकर उसे टरका दिया।
दूसरे दिन मंगलवार को रामसुंदर डीआईजी राकेश सिंह ने मिला और पूरी घटना बताई। पीड़ित रामसुंदर का आरोप है कि जब वह देहात कोतवाल के पास पहुंचा तो कोतवाल ने उसपर लूट की तहरीर बदलकर चोरी की तहरीर लिखने के लिए दबाव बनाया। डीआईजी की फटकार के बावजूद करीब आठ घंटे की हीलाहवाली के बाद देहात कोतवाल ने रिपोर्ट दर्ज की। रिपोर्ट लिखने मे हीलाहवाली करने पर पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह ने नाराजगी जताई थी। एसपी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार ने इस मामले की जांच सीओ सदर महावीर सिंह को सौंपी दी है। वहीं इस मामले को लेकर देहात कोतवाल राजनाथ सिंह एसपी के निशाने पर आ गए हैं। उनके खिलाफ देर सबेर कार्रवाई तय मानी जा रही है।