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बेसिक पुलिसिंग से करेंगे क्राइम कंट्रोल

Wed, 18 May 2016 11:20 PM IST
अमर उजाला/गोंडा।
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नवागत एसपी - फोटो : अमर उजाला
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नवागत पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि बेसिक पुलिसिंग के जरिए अब क्राइम कंट्रोल किया जाएगा। अपराधों की रोकथाम में बेसिक पुलिसिंग के साथ ही सर्विलांस सेल, डाग स्क्वायड समेत अन्य एजेंसियों से मदद भी ली जाएगी, मगर बेसिक पुलिसिंग पर विशेष ध्यान होगा। 
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नवागत पुलिस अधीक्षक बुधवार को पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि थानों व पुलिस कार्यालय आने वाले पीड़ितों/फरियादियों में निचले एवं गरीब तबके के लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका समय से निस्तारण कराया जाएगा।

वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अफसर सुधीर कुमार सिंह इससे पहले बलरामपुर व अगिभनशमन सेवा लखनऊ में एसपी रह चुके हैं। वे शामली, मेरठ, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ व पीलीभीत में अपर पुलिस अधीक्षक भी रह चुके हैं।
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बतौर सुधीर कुमार सिंह 1989 बैच के पीपीएस अफसर रहे हैं। वह गाजियाबाद, अमरोहा व मुरादाबाद में डिप्टी एसपी रहे। बिजनौर जनपद के नगीना के मूल निवासी सुधीर ने बीएससी व उसके बाद इकोनामिक्स से एमए की शिक्षा ग्रहण की है।

उन्होंने बताया कि उनका बेटा भी वर्ष 2015 बैच का आईपीएस अफसर है। उन्होंने कहा कि अब थानाध्यक्षों की कार्यशैली के लिए मापदंड तय किया गया है, जो थानाध्यक्ष उस मापदंड पर खरे उतरेंगे, उन्हें ही थाने की कमान सौंपी जाएगी।

एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ के लिए सबसे कारगर बेसिक पुलिसिंग है। यह बात दीगर है कि बेसिक पुलिसिंग के साथ ही सर्विलांस सेल, डाग स्क्वायड समेत अन्य एजेंसियों से मदद भी ली जाएगी।

उन्होंने कहा कि जालसाजी के अधिकतर मामलों में लोग अदालत में अपने मुकदमों को बल देने के लिए झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराने आते हैं, इसलिए जालसाजी से संबंधित प्रार्थनापत्रों की पूरी जांच के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।

इसमें ध्यान रखा जाएगा कि जो सही में पीड़ित व्यक्ति हो, उसकी रिपोर्ट दर्ज की जाए। माननीयों को शैडो/गनर देने के पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शासन के आदेश के अलावा इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित है। कमेटी की संस्तुति के बाद ही शैडो/गनर दिए जाते हैं। 
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